झारखंड में हरियाली व खुशहाली आयेगी

झारखंड की स्थानीयता परिभाषित होने पर लोगों ने दी मिली-जुली प्रतिक्रिया जययनगर : झारखंड राज्य गठन के 16 वर्ष बाद रघुवर सरकार द्वारा स्थानीयता को परिभाषित किया है. जबकि कांग्रेस, झामुमो, राजद अपने शासनकाल में इसे नहीं कर पायी. बल्कि इसे मुद्दा बनाकर विरोध करते रहे. पूर्ण बहुमत की रघुवर सरकार ने स्थानीयता को परिभाषित […]

झारखंड की स्थानीयता परिभाषित होने पर लोगों ने दी मिली-जुली प्रतिक्रिया

जययनगर : झारखंड राज्य गठन के 16 वर्ष बाद रघुवर सरकार द्वारा स्थानीयता को परिभाषित किया है. जबकि कांग्रेस, झामुमो, राजद अपने शासनकाल में इसे नहीं कर पायी. बल्कि इसे मुद्दा बनाकर विरोध करते रहे. पूर्ण बहुमत की रघुवर सरकार ने स्थानीयता को परिभाषित कर झारखंडियों को बड़ी सौगात दी है. झामुमो जिलाध्यक्ष श्यामकिशोर सिंह ने कहा इससे आदिवासियों व मूलवासियों को नुकसान होगा. सरकार ने उन्हें छलने का काम किया है. उन्होंने कहा कि इसका हम विरोध करते है और शीघ्र ही तिलैया झंडा चौक पर झारखंड सरकार का पुतला दहन किया जायेगा. पूर्व विधायक अमित कुमार यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री रघुवर दास ने साबित कर दिया है कि सरकार व भाजपा की कथनी करनी में कोई अंतर नहीं है.

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री रघुवर दास ने वह कर दिखाया जो अबतक के किसी मुख्यमंत्री ने नहीं किया था. इसके लिए वे बधाई के पात्र है. उन्होंने कहा कि अब रोजी-रोजगार के अवसर बढ़ेंगे व झारखंड में हरियाली व खुशहाली आयेगी. विधायक प्रतिनिधि दामोदर यादव ने कहा कि अबतक की सरकारों ने स्थानीय नीति के नाम पर लोगों को बरगालने का काम किया मगर भाजपा सरकार ने इसे परिभाषित कर लोगों को राहत दी है.

युवा नेता उमेश यादव ने कहा कि इससे छात्र, नौजवान व बेरोजगारों को अपने ही घर में रोजगार मिलेगा. उन्हें अब पलायन नहीं करना पड़ेगा. अब जिला स्तर के शिक्षक, जनसेवक, चौकीदार, सिपाही, वनरक्षी, एएनएम आदि पदों पर स्थानीय लोगों की बहाली होगी. उन्होंने इसके लिए सरकार व बरकट्ठा विधायक प्रो. जानकी यादव को बधाई दी है. हिरोडीह के पूर्व पंसस अर्जुन चौधरी ने कहा कि सरकार की दृढ इच्छा शक्ति के कारण यह हो पाया है.

यह फैसला झारखंड के विकास में अपनी अहम भूमिका निभायेगी. बुलाकी यादव ने कहा कि रघुवर सरकार ने साबित कर दिया कि भाजपा को प्रदेश के विकास की चिंता है. स्थानीयता को परिभाषित होने से सबको लाभ होगा. युवा समाजसेवी अरुण यादव ने कहा कि सरकार ने ऐसे व्यक्तियों को स्थानीय की श्रेणी में रखा है, जिनका जन्म झारखंड में हुआ है. जिन्होंने मैट्रिक या समकक्ष स्तर की पूरी शिक्षा झारखंड से मान्यता प्राप्त संस्थानों से की है. उन्होंने सरकार की इस फैसले को स्वागत योग्य बताया.

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