कोडरमा : विश्व नि:शक्ता दिवस पर नेशनल प्लेटफाॅर्म फॉर द राइट ऑफ डिसेबल के आह्वान पर दिल्ली से प्रदर्शन में हिस्सा लेकर कोडरमा टीम वापस लौट आयी है. प्रदर्शन में हिस्सा लेने के लिए कोडरमा से दो दिसंबर को पांच सदस्यीय टीम दिल्ली गयी थी. इनमें मो मुबारक हुसैन,भुगन राणा,नकुल पासवान,सुधीर कुमार मेहता और हेमन्ती कुमारी शामिल थे. टीम से जुड़े सुधीर कुमार मेहता ने बताया कि देश में नि:शक्तों के लिए एकमात्र कानून पर्सन विथ डिसेबिलिटी है.
लेकिन इस कानून से बदले हालात में नि:शक्तों काे फायदा नहीं मिल पा रहा है. 2010 में संसद में नि:शक्तों के लिए कानून बनाने के वास्ते मसौदा तैयार करने के लिए कमेटी का गठन किया गया था, जबकि 2014 में कानून पारित करने के लिए राज्यसभा में पेश कर स्टैंडिंग कमेटी को भेजा,कमेटी ने अपनी सिफारिशें सरकार को भेज दी.
लेकिन इसे कानून बनाने के लिए सदन में नहीं लाया जा रहा है. उन्हाेंने बताया कि उक्त मांगों को लेकर देश भर से नि:शक्त एकजुट होकर विकलांगों के लिए कानूून पारित करने की मांग कर रहे हैं. कोडरमा में विकलांगों को संगठित करने के लिए 13 दिसंबर को बैठक आयोजित की गयी है.
