हर चुनाव में नेता देते आये आश्वासन

पदमा : बरही विस के पूर्व विधायक रामेश्वर महथा के प्रयास से 1983 में पदमा-सरैया जलापूर्ति योजना की शुरुआत हुई थी, लेकिन यह योजना बिजली की समस्या के कारण 1991 में बंद है. 28 साल बंद इस योजना को चालू कराने की दिशा में नेताओं ने कभी गंभीरता नहीं बरती. 1991 से अब तक छह […]

पदमा : बरही विस के पूर्व विधायक रामेश्वर महथा के प्रयास से 1983 में पदमा-सरैया जलापूर्ति योजना की शुरुआत हुई थी, लेकिन यह योजना बिजली की समस्या के कारण 1991 में बंद है. 28 साल बंद इस योजना को चालू कराने की दिशा में नेताओं ने कभी गंभीरता नहीं बरती. 1991 से अब तक छह बार विधानसभा चुनाव होनेवाले हैं, लेकिन विधायक या सांसद ने योजना को चालू कराने की दिशा में पहल नहीं की.

प्रत्येक चुनाव में पदमा की जनता योजना को चालू कराने की मांग रख आयी है, जबकि नेता इसे चालू कराने का आश्वासन देते आ रहे हैं. चुनाव जीतने के बाद कभी भी जनप्रतिनिधि ने इसे गंभीरता से नहीं लिया. नतीजा: पदमा के मतदाता स्वच्छ पानी के लिए तरस रहे हैं. पदमा सरैया की जनता को पानी के लिए भटकना पड़ रहा है. पदमा जलापूर्ति योजना में कार्यरत 10 कर्मचारियों में आठ कर्मचारी सेवानिवृत्त हो चुके.

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