बेटी बचाओ अभियान के लिए आदर्श बने दंपति, धनतेरस के दिन बच्ची को लिया गोद

गौतम राणा@कोडरमा बाजार एक तरफ जब लोग धनतेरस के मौके पर सोने चांदी के जेवर से लेकर अन्य बेशकीमती चीजें खरीदने में मशगूल थे तो दूसरी ओर जिले के मरकच्चो प्रखंड के दशारोखुर्द निवासी संतोष राणा और उसकी पत्नी सुनीता देवी ने एक अनोखा और बेशकीमती उपहार स्वरूप लक्ष्मी (नवजात बच्ची) को घर ले आये. […]

गौतम राणा@कोडरमा बाजार

एक तरफ जब लोग धनतेरस के मौके पर सोने चांदी के जेवर से लेकर अन्य बेशकीमती चीजें खरीदने में मशगूल थे तो दूसरी ओर जिले के मरकच्चो प्रखंड के दशारोखुर्द निवासी संतोष राणा और उसकी पत्नी सुनीता देवी ने एक अनोखा और बेशकीमती उपहार स्वरूप लक्ष्मी (नवजात बच्ची) को घर ले आये. जिसे देखने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ गयी.

दंपति के इस प्रयास को हर जुबान से सराहना मिल रही है. लोगों ने कहा कि सरकार भले ही बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का नारा दे रखा है परंतु इस नारे को हकीकत में बदलने का काम तो संतोष और उसकी पत्नी ने किया.

मिली जानकारी के मुताबिक उक्त दंपति गिरिडीह जिले के घोड़थम्भा अरखंगों निवासी सुनीता देवी, पति संजय कुमार की नवजात पुत्री को धनतेरस के दिन गोद लिया है. बच्ची को गोद लेकर प्रशंसा का केंद्र बने उक्त दंपति ने बताया कि धनतेरस के दिन घर में बेटी आना साक्षात लक्ष्मी मां का घर में पधारने के समान है.

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