कोडरमा बाजार : भारतीय ग्रामीण चिकित्सक संघ के बैनर तले जिले के ग्रामीण चिकित्सकों (प्रैक्टिसनर ) ने समाहरणालय परिसर में धरना दिया. धरना के उपरांत केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री के नाम 10 सूत्री मांग पत्र डीसी को सौंपा. इसके पूर्व कोडरमा बाजार से रैली निकाली गयी जो सदर अस्पताल होते हुए समाहरणालय पहुंच कर धरना में तब्दील हो गयी. मौके पर मुख्य अतिथि संजीव भारती ने कहा कि जिस तरह जिला प्रशासन द्वारा अभियान चलाकर ग्रामीणों चिकित्सकों पर आपराधिक मुकदमा दर्ज कर जेल भेज रहा है, वह खेदजनक है.
ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी सरकार स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाने में पूरी तरह सफल नहीं हो पायी है. इन क्षेत्रों में ग्रामीण चिकित्सक काफी कम पैसे में लोगों की सेवा कर उसकी जान बचाने में सहयोग कर रहे है. ग्रामीण और सुदूरवर्ती क्षेत्रों में सरकारी डॉक्टर जाने से भी कतराते हैं. दूसरी तरफ बिना भय के दिन रात सेवा देकर हम लोगों की जान बचाने का प्रयास करते है. इसके बावजूद भी हम पर कार्रवाई की जा रही है. रमेश हर्षधर, राजद के गुलाम जिलानी, भाकपा माले के रामधन यादव, जिप सदस्य महादेव राम आदि वक्ताओं ने कहा कि ग्रामीणों और सुदूरवर्ती क्षेत्रों में जहां सरकारी डॉक्टर जाना भी पसंद नहीं करते हैं. उन क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधा ग्रामीण चिकित्सकों के भरोसे ही चल रहा है, जबकि यह व्यवस्था वर्षों से चली आ रही है.
सरकार पहले इन क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधा और पर्याप्त डॉक्टर की व्यवस्था कर ले. उसके बाद ग्रामीण चिकित्सकों पर कार्रवाई की सोचे. सपा जिला अध्यक्ष सुभाष राणा ने कहा कि काफी कम पैसे में ग्रामीण चिकित्सक सुदूरवर्ती क्षेत्रों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं, इसके बावजूद भी इन्हें झोला छाप डॉक्टर कहा जाता है, जो काफी खेदजनक है. जिला प्रशासन द्वारा जिस प्रकार की कार्रवाई की जा रही है, उस पर तत्काल रोक लगायी जाये. इस अवसर पर संघ के जिला अध्यक्ष अब्दुल मनान, अजय कृष्ण, जेवीएम के सुनील यादव के अलावे हजारीबाग जिला अध्यक्ष विजय गोस्वामी, राजेंद्र कुमार रवि, शमीम अख्तर, जानकी प्रसाद गुप्ता, प्रमोद साव, अनवारुल हक, वाल्मीकि प्रसाद, अश्विनी कुमार, सुखदेव पंडित, मथुरा पंडित, गुलाब प्रसाद, दिलीप कुमार समेत जिले भर के ग्रामीण चिकित्सकों के अलावे संघ के बिहार और झारखंड के कई जिलों के पदाधिकारी आदि मौजूद थे.
