जांच अभियान के तहत टीम ने शहर में संचालित विभिन्न अल्ट्रासाउंड क्लिनिकों की सोमवार को जांच की. टीम का नेतृत्व कर रहे एसडीओ प्रभात कुमार बरदियार व सिविल सर्जन डाॅ बीपी चौरसिया जांच के लिए राजगढ़िया रोड व डॉक्टर गली स्थित चार अल्ट्रासाउंड क्लिनिकों में पहुंचे. टीम ने सबसे पहले रजगढ़िया रोड स्थित भारत अल्ट्रासाउंड में जांच की. इसके बाद जांच दल सहारा अल्ट्रासाउंड, राहत अल्ट्रासाउंड व बाद में डॉक्टर गली स्थित धनवंतरी अल्ट्रासाउंड पहुंचा.
इस दौरान सेंटर से संबंधित कागजात, चिकित्सक का सर्टिफिकेट, जांच के लिए कितने पैसे लिए जाते हैं, यदि महिलाओं के गर्भ से संबंधित जांच की जा रही है तो किसी चिकित्सक द्वारा लिखा गया है या नहीं, जांच की जाने वाली महिलाओं का पहचान पत्र लिया गया है या नहीं की जानकारी ली गयी. अधिकतर जगहों पर जांच टीम ने कुछ कमियां पायी गयी, जिसे सुधार करने का निर्देश दिया गया. कुछ जगहों पर मरीजों की जांच से संबंधित पूरा डिटेल नहीं मिला, जिसे उपलब्ध कराने को कहा गया है. सिविल सर्जन डॉ बीपी चौरसिया ने बताया कि कहा कि जांच के दौरान यदि गड़बड़ी पायी गयी, तो सख्त कार्रवाई होगी. लिंग परीक्षण करना कानूनन अपराध है. इसको लेकर भी जांच की जा रही है. जांच टीम में पदाधिकारियों के अलावा डाॅ मनोज कुमार, डीपीएम समरेश सिंह, असीम सरकार शामिल थे. इधर, टीम के राजगढ़िया रोड पहुंचते ही कई पैथोलॉजिकल लैब संचालक अपनी दुकान बंद कर फरार हो गये.
