तोरपा. देश के लिए अपने प्राण उत्सर्ग करनेवाले शहीद वाल्टर गुड़िया के शहादत दिवस के अवसर पर शनिवार को सीआरपीएफ-94 बटालियन और स्थानीय लोगों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की. सबसे पहले शहीद वाल्टर गुड़िया की पत्नी राहिल गुड़िया, पुत्र रोशन गुड़िया व विश गुड़िया ने शहीद की प्रतिमा पर फूल माला चढ़ा कर श्रद्धांजलि दी. उन्होंने शहीद की प्रतिमा के पास मोमबत्ती भी जलायी. इसके बाद सीआरपीएफ 94 बटालियन के उप कमांडेंट संतोष कुमार के एवं सीआरपीएफ के अन्य अधिकारियों ने शहीद वाल्टर गुड़िया की प्रतिमा पर श्रद्धासुमन अर्पित किया. उन्होंने शहीद वाल्टर गुड़िया की पत्नी राहिल गुड़िया को शॉल ओढ़ाकर तथा साड़ी देकर सम्मानित किया. इसके पूर्व जीइएल चर्च दियांकेल के पादरी अमृत भेंगरा तथा मरचा पेरीश के चेयरमैन पादरी भीमसेन कुलदीप गुड़िया ने ईसाई रीति-रिवाज के अनुसार प्रार्थना की. इस अवसर पर उप कमांडेंट ने कहा कि देश की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति देनेवाले शहीद नायकों की वीरता और बलिदान का सम्मान करने के लिए सीआरपीएफ ऐसे कार्यक्रमों का आयोजन करती है. शहीद वाल्टर गुड़िया ने देश की रक्षा के लिए अपना बलिदान दिया. श्रद्धांजलि देने वालों में उप निरीक्षक विष्णु छेत्री पादरी अमृत भेंगरा, पादरी बीरसन कुलदीप गुड़िया, प्रमुख रोहित सुरीन,मुखिया जॉन तोपनो, ईश्वर दत्त मार्शल मुंडू,रोशन गुड़िया,विनोद साबिया सेवइयां, मनु,अनमोल, सुशील, अंकित विजय, रतीश आदि शामिल थे.
तीन जनवरी 1988 को शहीद हुए थे :
शहीद वाल्टर गुड़िया सीआरपीएफ 19 बटालियन में थे. तीन जनवरी 1988 को पंजाब के तरण तारण जिले के भीखविंड में आतंकवादियों से लोहा लेते हुए शहीद हो गये थे.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
