खूंटी. खूंटी के डूमरदगा गांव निवासी और नेताजी सुभाषचंद्र बोस आवासीय विद्यालय खूंटी के छात्र सुधीर सांगा भारतीय खेल प्राधिकरण (साई), हजारीबाग में उच्च स्तरीय प्रशिक्षण प्राप्त करेगा. पिछले महीने हुए चयन ट्रायल में उसका चयन साई हजारीबाग के लिए हुआ है. सुधीर के चयन से विद्यालय और उसके परिवार में खुशी का माहौल है. सुधीर ने वर्ष 2025 में आंध्र प्रदेश में आयोजित अंडर-13 राष्ट्रीय स्तर की तीरंदाजी प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक हासिल किया था.
इससे पहले वह वर्ष 2024 में गुजरात तथा वर्ष 2025 में उत्तर प्रदेश में आयोजित स्कूल नेशनल प्रतियोगिताओं में झारखंड का प्रतिनिधित्व कर चुका है. बेहद गरीब परिवार का सदस्य सुधीर सुधीर का जीवन संघर्षों से भरा रहा है. बचपन में ही उसके पिता का निधन हो गया था. मां बिरंग पाहन मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करती हैं.
आर्थिक स्थिति ऐसी थी कि महंगे खेल उपकरण खरीदना संभव नहीं था. सुधीर ने बांस से बने धनुष से तीरंदाजी की शुरुआत की. बाद में उधार में मिले आधुनिक धनुष से अभ्यास करते हुए उसने राष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया. विद्यालय के वार्डन ने कहा कि नेताजी सुभाषचंद्र बोस आवासीय विद्यालय खूंटी तीरंदाजी के क्षेत्र में बच्चों के लिए एक बेहतर लॉन्चिंग पैड साबित हो रहा है.
विद्यालय में अनाथ एवं एकल अभिभावक परिवारों के बच्चों, बाल श्रम से मुक्त कराए गए बच्चों तथा नक्सल प्रभावित परिवारों के बच्चों को तीरंदाजी से जोड़कर उन्हें मुख्यधारा में लाने का प्रयास किया जा रहा है. सुधीर के साई हजारीबाग में चयन से डूमरदगा गांव से लेकर विद्यालय तक खुशी का माहौल है.
