कर्रा. अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस पर मंगलवार को कर्रा प्रखंड के विभिन्न सरकारी और अल्पसंख्यक विद्यालयों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किये गये. नव भारत साक्षरता कार्यक्रम (उल्लास) के तहत 15 वर्ष से अधिक आयु के निरक्षरों को साक्षर बनाने के लिए विशेष अभियान चलाया गया.
विद्यालयों में प्रार्थना सभा के दौरान विद्यार्थियों को साक्षरता के महत्व की जानकारी दी गयी. इसके बाद विद्यार्थियों और शिक्षकों ने विद्यालय के पोषक क्षेत्र में प्रभात फेरी और साइकिल रैली निकाली. इस दौरान ग्रामीणों से निरक्षर लोगों को साक्षरता अभियान से जोडने की अपील की गयी.
बीपीओ मनमोहन साहु ने बताया कि प्रत्येक 10 निरक्षरों पर एक वीटी स्वयंसेवक नियुक्त किया गया है. नवसाक्षरों की वर्ष में दो बार परीक्षा होती है. इस वर्ष 20 सितंबर को जन चेतना केंद्रों में परीक्षा आयोजित की जायेगी. परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों को प्रमाण पत्र दिया जायेगा.
प्रतिज्ञा संस्था के सहयोग से प्रखंड के विभिन्न गांवों में रीडिंग कैंपेन भी आयोजित किया गया. इसमें 480 माताओं ने सामूहिक रूप से हिस्सा लिया. माताओं ने पठन-पाठन से जुडी गतिविधियों में भाग लेकर शिक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जतायी.
साक्षरता दिवस के कार्यक्रमों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में निरक्षर लोगों को शिक्षा से जोडने और उन्हें नियमित पठन-पाठन के लिए प्रेरित करने का संदेश दिया गया.
