कुपोषित बच्चों की समय पर पहचान और देखभाल प्राथमिकता : सिविल सर्जन

खूंटी में ग्रामीण स्वास्थ्य पोषण संकेत में आवश्यक सुदृढ़ीकरण हेतु एक दिवसीय बैठक सह कार्यशाला का आयोजन किया गया.

खूंटी. सिविल सर्जन कार्यालय सभागार में सोमवार को खूंटी में ग्रामीण स्वास्थ्य पोषण संकेत में आवश्यक सुदृढ़ीकरण हेतु एक दिवसीय बैठक सह कार्यशाला का आयोजन किया गया. कार्यक्रम का शुभारंभ सिविल सर्जन डॉ नागेश्वर मांझी ने दीप प्रज्वलित कर किया. आयोजन के दौरान चाइल्ड इन नीड इंस्टीट्यूट (सीनी) संस्था के सहयोग से राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रम, पोषण अभियान, आयुष्मान भारत योजना के क्रियान्वयन में सहयोग प्रदान करने के संबंध में गहन विचार-विमर्श किया गया. इस दौरान सिविल सर्जन ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में उच्च जोखिम वाली गर्भवती, धात्री महिलाओं और कुपोषित बच्चों की समय पर पहचान और देखभाल करने में स्वास्थ्य विभाग पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है. एक स्वस्थ, जागरूक और मजबूत समुदाय के निर्माण के लिए हम सब प्रतिबद्ध हैं. कार्यक्रम में सदर उपाधीक्षक डॉ एके उरांव, डीआरसीएचओ डॉ एस किस्पोट्टा, जिला कार्यक्रम प्रबंधक कानन बाला, जिला डाटा प्रबंधक श्वेता सिंह, जिला कार्यक्रम समन्वयक उदयन शर्मा, सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, प्रखंड कार्यक्रम प्रबंधक, जिला समाज कल्याण शाखा और प्रदान संस्था के प्रतिनिधि सहित सीनी संस्था के सुरजीत दत्ता, राजेश मिश्रा, सुवेंदु सेनगुप्ता, संगीता मिश्रा, रोहित राज, प्रशांत कुमार, सोमरा मुंडा सहित अन्य कर्मी उपस्थित थे.

ग्रामीण स्वास्थ्य पोषण संकेत में आवश्यक सुदृढ़ीकरण को लेकर बैठक सह कार्यशाला का आयोजनB

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By CHANDAN KUMAR

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