खूंटीः विश्व आदिवासी दिवस के उपलक्ष्य में शनिवार को शहर स्थित निर्मला देवी ग्रुप ऑफ एजुकेशन के अंतर्गत संचालित इम्पीरियल कॉलेज ऑफ नर्सिंग और निर्मला देवी नर्सिंग स्कूल में विशेष सांस्कृतिक एवं जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम का उद्देश्य आदिवासी समाज की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, परंपराओं और प्रकृति के प्रति उनके गहरे जुड़ाव को सम्मान देना था.
कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन और स्वागत गीत के साथ
कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन और स्वागत गीत के साथ हुई. इसके बाद संस्थान की छात्राओं ने आदिवासी पारंपरिक वेशभूषा में लोकनृत्य और लोकगीत प्रस्तुत कर उपस्थित लोगों का मन मोह लिया. मांदर और नगाड़ों की थाप पर प्रस्तुत नृत्य ने सभागार में उत्साह और उल्लास का वातावरण बना दिया. दर्शकों ने छात्राओं की प्रस्तुति की सराहना करते हुए तालियों से उनका उत्साहवर्धन किया.
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संस्थान के निदेशक ने बताया आदिवासी दिवस का इतिहास
इस अवसर पर संस्थान के निदेशक डॉ. शैलेश कुमार ने विश्व आदिवासी दिवस के इतिहास और महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला. उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र द्वारा आदिवासी समुदायों के अधिकारों, पहचान और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के उद्देश्य से विश्व आदिवासी दिवस मनाया जाता है. आदिवासी समाज सदियों से प्रकृति के साथ संतुलित जीवन जीने का संदेश देता आया है और पर्यावरण संरक्षण में उनका योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण है.
डॉ. कुमार ने कहा कि आदिवासी समुदाय हमारी सामाजिक और सांस्कृतिक विरासत का अभिन्न अंग है. उनकी भाषा, लोककला, लोकसंगीत, पारंपरिक ज्ञान और जीवनशैली आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत हैं. उन्होंने छात्राओं से आदिवासी संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की.
सांस्कृतिक विविधता और प्रकृति संरक्षण के महत्व पर जोर
कार्यक्रम के दौरान शिक्षकों और विद्यार्थियों ने आदिवासी कला, संस्कृति, भाषा और परंपराओं के संरक्षण तथा उनके सम्मान का सामूहिक संकल्प लिया. इस अवसर पर संस्थान के शिक्षक-शिक्षिकाओं ने भी आदिवासी समाज के योगदान पर अपने विचार व्यक्त किये और सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक विविधता और प्रकृति संरक्षण के महत्व पर जोर दिया.
प्रतिवर्ष इस दिवस को मनाने का संकल्प
समापन के अवसर पर प्रतिभागी छात्राओं को सम्मानित किया गया और संस्थान परिवार ने हर वर्ष विश्व आदिवासी दिवस को इसी उत्साह और जागरूकता के साथ मनाने का संकल्प व्यक्त किया. कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं, शिक्षक एवं संस्थान के कर्मचारी उपस्थित थे.
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