खूंटी. करम पर्व के अवसर पर मंगलवार को जिले में विभिन्न स्थानों पर कार्यक्रम आयोजित किये गये. बिरसा कॉलेज परिसर में आदिवासी बालक एवं बालिका छात्रावास के तत्वावधान में करम महोत्सव हुआ. इसमें कल्याण मंत्री चमरा लिंडा और खूंटी विधायक राम सूर्या मुंडा मुख्य रूप से शामिल हुए. अतिथियों ने करम अखड़ा पहुंचकर छात्र-छात्राओं के साथ पारंपरिक नृत्य किया.
मौके पर कल्याण मंत्री चमरा लिंडा ने कहा कि करम और सरहुल जैसे पर्व आदिवासी समाज की समृद्ध संस्कृति और पुरखों की धरोहर हैं. उन्होंने कहा कि करम पूजा आदिवासी समाज के साथ विभिन्न समुदायों के लोग भी श्रद्धा और उत्साह से करते हैं. मंत्री ने बताया कि खूंटी जिले में करीब 10 करोड़ रुपये की लागत से ढोल-नगाड़े उपलब्ध कराने की योजना तैयार की जा रही है. कॉलेज के विद्यार्थियों के कल्याण के लिए करीब पांच करोड़ रुपये की लागत से विभिन्न योजनाओं पर काम करने की तैयारी है. इसमें लाइब्रेरी, कोचिंग सहित अन्य सुविधाएं शामिल हैं.
विधायक राम सूर्या मुंडा ने कहा कि खूंटी अपनी समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा, गीत और नृत्य के लिए जाना जाता है. उन्होंने करम पर्व की परंपरा को मजबूत करने के लिए करम अखड़ा का निर्माण कराने का आश्वासन दिया.
करम अखड़ा में हुआ सामूहिक करम महोत्सव
खूंटी जिला सांगी करम नेग के तत्वावधान में करम अखड़ा में सामूहिक करम महोत्सव आयोजित किया गया. कार्यक्रम में विधायक राम सूर्या मुंडा और नगर पंचायत अध्यक्ष रानी टूटी मुख्य रूप से मौजूद रहे. विधायक ने करमा-धरमा भाइयों की कहानी का उल्लेख करते हुए पर्व की परंपरा से सीख लेने की बात कही. रानी टूटी और जिला परिषद अध्यक्ष मसीह गुड़िया ने भी लोगों को करम पर्व की शुभकामनाएं दीं.
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिला, पुरुष और बच्चे पारंपरिक वेशभूषा में शामिल हुए. करम डाली की विधिवत पूजा-अर्चना के बाद सामूहिक करम गीत और नृत्य हुआ. मांदर की थाप और पारंपरिक गीतों से करम अखड़ा देर तक गूंजता रहा.