Khunti News: झारखंड के खूंटी जिला पुलिस कार्यालय सभागार में गुरुवार को मंथली क्राइम मीटिंग आयोजित की गई. बैठक की अध्यक्षता पुलिस अधीक्षक (एसपी) ऋषभ गर्ग ने की. इस दौरान जिले में बीते महीने दर्ज हुए आपराधिक मामलों, उनके निष्पादन, लंबित केस, वारंट, कुर्की-जब्ती और आगामी श्रावणी मेला एवं रथ यात्रा की सुरक्षा व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा की गई. एसपी ने कानून-व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्देश भी जारी किए.
पिछले महीने के मामलों के निष्पादन पर जताई संतुष्टि
बैठक के दौरान एसपी ऋषभ गर्ग ने पिछले महीने जिले में दर्ज हुए आपराधिक मामलों की समीक्षा की. उन्होंने पाया कि अधिकांश मामलों का समयबद्ध तरीके से निष्पादन किया गया है. इसे उन्होंने खूंटी पुलिस की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया और सभी पुलिस अधिकारियों की सराहना की. एसपी ने कहा कि मामलों का शीघ्र निष्पादन पुलिस की कार्यशैली को प्रभावी बनाता है और इससे आम लोगों का पुलिस पर भरोसा भी मजबूत होता है. उन्होंने अधिकारियों को आगे भी इसी गति और गंभीरता के साथ कार्य करने का निर्देश दिया.
लंबित मामलों और वारंट की समीक्षा
बैठक में लंबित मामलों, वारंट के निष्पादन और कुर्की-जब्ती की कार्रवाई की भी विस्तार से समीक्षा की गई. समीक्षा के दौरान इन मामलों में संतोषजनक प्रगति सामने आई. एसपी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जिन मामलों का निष्पादन अभी बाकी है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर जल्द पूरा किया जाए. उन्होंने स्पष्ट कहा कि कानून से बचने वाले आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई में किसी तरह की ढिलाई नहीं बरती जाएगी.
श्रावणी मेला और रथ यात्रा की सुरक्षा पर विशेष फोकस
बैठक में आगामी श्रावण माह के दौरान आयोजित होने वाले धार्मिक आयोजनों और शुक्रवार को निकलने वाली रथ यात्रा की तैयारियों पर भी विस्तार से चर्चा हुई. एसपी ने सभी थाना प्रभारियों और पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को प्राथमिकता दी जाए. उन्होंने संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती, भीड़ नियंत्रण, नियमित गश्त और असामाजिक तत्वों पर कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए, ताकि पर्व-त्योहार शांतिपूर्ण और सुरक्षित माहौल में संपन्न हो सकें.
अपराधियों की प्रोफाइल तैयार कर रख रही है पुलिस
एसपी ऋषभ गर्ग ने बताया कि जिले में अपराध नियंत्रण के लिए पुलिस ने पूर्व के आपराधिक इतिहास वाले व्यक्तियों की विस्तृत प्रोफाइल तैयार की है. इसमें विशेष रूप से नक्सली गतिविधियों, आर्म्स एक्ट और एनडीपीएस (मादक पदार्थ) से जुड़े मामलों में संलिप्त लोगों को शामिल किया गया है. उन्होंने बताया कि इन व्यक्तियों के आपराधिक रिकॉर्ड के साथ-साथ उनके बैंक खाते, पैन कार्ड, आधार कार्ड, अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज और वर्तमान गतिविधियों का भी रिकॉर्ड तैयार किया गया है. इस डाटाबेस के माध्यम से पुलिस ऐसे लोगों की गतिविधियों पर लगातार नजर रख सकेगी और आवश्यकता पड़ने पर त्वरित कार्रवाई भी कर सकेगी.
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अपराध नियंत्रण के लिए बनाई गई रणनीति
एसपी ने कहा कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य जिले में अपराध की घटनाओं में कमी लाना और अपराधियों की गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना है. उन्होंने सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिया कि अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रिय अपराधियों और संदिग्ध व्यक्तियों पर लगातार निगरानी रखें तथा किसी भी सूचना पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करें. बैठक में तोरपा और खूंटी के एसडीपीओ, जिले के सभी पुलिस इंस्पेक्टर, थाना प्रभारी तथा अन्य पुलिस पदाधिकारी मौजूद रहे. सभी अधिकारियों को समन्वय के साथ कार्य करते हुए कानून-व्यवस्था बनाए रखने और जनता की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का निर्देश दिया गया.
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