खूंटी. जिला विधिक सेवा प्राधिकरण खूंटी के द्वारा रविवार को जिले के सभी कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में बाल विवाह निषेध अधिनियम के तहत जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इस अवसर पर जिले के पीएलवी ने अपने-अपने प्रखंडों के कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में बाल विवाह के बारे जानकारी दी. उन्होंने बताया कि बाल विवाह एक गंभीर सामाजिक बुराई है, जो बच्चों के शारीरिक, मानसिक और शैक्षणिक विकास में बाधा डालती है. भारत सरकार द्वारा बाल विवाह निषेध अधिनियम, 2006 के अंतर्गत बाल विवाह एक दंडनीय अपराध घोषित किया गया है. इसके बावजूद समाज के कुछ हिस्सों में यह कुप्रथा आज भी देखने को मिलती है, जो अत्यंत चिंताजनक है. बाल विवाह से बच्चों, विशेषकर बालिकाओं, के स्वास्थ्य, शिक्षा और भविष्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है. कम उम्र में विवाह होने से बालिकाओं को शिक्षा से वंचित होना पड़ता है तथा मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में वृद्धि का खतरा भी बढ़ जाता है. उन्होंने बाल विवाह को रोकने में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया. कहा कि अगर कहीं भी बाल विवाह होने की सूचना मिले तो तुरंत संबंधित प्रशासन, पुलिस, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 अथवा महिला एवं बाल विकास विभाग को सूचना दें.
बाल विवाह के प्रति छात्राओं को किया गया जागरूक
कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में बाल विवाह निषेध अधिनियम के तहत जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया.
