खूंटी. जनजातीय गरिमा उत्सव 2026 के अंतर्गत सबसे दूर सबसे पहले सप्ताह अभियान को लेकर सोमवार को परियोजना निदेशक आइटीडीए आलोक शिकारी कच्छप ने प्रेस कांफ्रेंस कर जानकारी दी. अपने कार्यालय कक्ष में प्रेस कांफ्रेंस में उन्होंने बताया कि जनजातीय कार्य मंत्रालय, भारत सरकार के निर्देशानुसार समेकित जनजाति विकास अभियान खूंटी अंतर्गत जनजातीय गरिमा उत्सव 2026 के तहत संचालित जन भागीदारी अभियान सबसे दूर सबसे पहले अभियान 19 मई से 25 मई तक चलाया गया. इसके तहत क्षेत्र में व्यापक प्रचार-प्रसार करते हुए केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं को कैंप के माध्यम से सैचुरेट कर लाभुकों तक पहुंचाया गया. अभियान की शुरुआत 18 मई को आयोजित जिला स्तरीय ओरिएंटेशन कार्यक्रम से की गयी थी. इसके बाद जिले के आदि सेवा केंद्र स्थापित 403 गांवों में और विभिन्न पंचायतों में सैचुरेशन कैंप आयोजित किया गया. कैंप के माध्यम से मुख्य रूप से आदिवासी जनजातीय के लोगों को विभिन्न योजनाओं का लाभ प्रदान किया गया. अभियान के दौरान पांच हजार से अधिक आवेदनों का निष्पादन किया गया. शेष प्राप्त आवेदनों के निष्पादन की प्रक्रिया जारी है. उन्होंने बताया कि अभियान के तहत सिकल सेल, एनीमिया, टीबी की जांच का आयोजन किया गया. वहीं आधार कार्ड निर्माण, राशन कार्ड, विभिन्न प्रमाण पत्र सहित विभिन्न योजनाओं को लेकर आवेदन प्राप्त किया गया. उन्होंने कहा कि अभियान का उद्देश्य अनुसूचित जनजाति समुदाय के कल्याण और सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है. मौके पर जिला कल्याण पदाधिकारी प्रमोद राम और अन्य उपस्थित थे.
अभियान के दौरान पांच हजार से अधिक आवेदन का निष्पादन
जन भागीदारी अभियान सबसे दूर सबसे पहले का समापन
