28 अक्टूबर 2022 की घटना, नामजद अभियुक्तों पर कार्रवाई नहीं होने से दोबारा न्यायालय के शरण में पीड़ित परिवार
घर में घुसकर जानलेवा हमला करने और मकान पर कब्जा करने का आरोप
प्रतिनिधि, बुंडू
राहे थाना क्षेत्र के राहे गांव निवासी झालो देवी पति अशोक तेली का परिवार पुलिस की मनमानी और लापरवाही के कारण दर-दर न्याय के लिए ठोकर खा रही है. झालो देवी के साथ 28 अक्टूबर 2022 की दोपहर 2:00 बजे घटना हुई थी. घर में घुसकर जानलेवा हमला के साथ पूरे परिवार को घसीट कर घर से निकाल दिया. मकान पर जबरन कब्जा कर लिया. इसके बाद राहे थाना में मामला दर्ज करने के लिए सात लोगों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज करने के लिए आवेदन दिया था. लेकिन, पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज नहीं की. कोई कार्रवाई नहीं होने पर निराश होकर पीड़ित परिवार ने हाई कोर्ट में क्रिमिनल रिट दायर किया. इसके बाद 16 सितंबर 2023 को उच्च न्यायालय के आदेश पर सात अभियुक्तों कमलाकांत महतो, देवेंद्र महतो, रवींद्र महतो, पिता स्व हलधर महतो, निखिलेश चटर्जी, मनोज चटर्जी पिता बैद्यनाथ चटर्जी, सुदू बैठा पिता तिलका बैठा के खिलाफ राहे थाना में 24 अगस्त 2024 को राहे थाना में प्राथमिक दर्ज करायी गयी. लेकिन, अभी तक अभियुक्तों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई करने में उदासीन है. पीड़ित झालो देवी के परिवार का मकान अभियुक्त के कब्जे में है. सामान भी अभियुक्त के कब्जे में है.
झालो देवी ने फिर से उच्च न्यायालय में कंटेंट केस दायर किया है, जिसके आलोक में नौ जनवरी 2025 को आदेश में पुलिस महानिदेशक के नाम दर्ज अभियुक्त के विरुद्ध कार्रवाई करने का आदेश जारी किया है. उच्च न्यायालय झारखंड के आदेश के आलोक में वरीय पुलिस अधीक्षक ने केस के अनुसंधानकर्ता पुलिस अवर निरीक्षक रामरेखा पासवान पर एसपी ने विभागीय कार्रवाई के लिए आदेश जारी किया है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
