तोरपा. प्रखंड के कोचा स्थित मदरसा में रविवार को दस्तारबन्दी का कार्यक्रम धार्मिक श्रद्धा और सादगी के साथ आयोजित किया गया. कार्यक्रम की शुरुआत कुरआन शरीफ की तिलावत से हुई, जिसके बाद नौ बच्चियों को दस्तांरबंदी की रस्म अदा करायी गयी. कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में झामुमो जिलाध्यक्ष जुबैर अहमद उपस्थित थे. इस अवसर पर उन्होंने बच्चियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की. उन्होंने कहा कि इन बच्चियों की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है, फिर भी ये कोचा के मदरसा रह कर तालिम हासिल की है, जो कबिले तारीफ़ है. उन्होंने कहा कि आज लड़कियां शिक्षा ग्रहण कर बड़े-बड़े पद पर आसीन हो रही हैं. मौके पर मौजूद आलिमों ने कहा कि दस्तांरबंदी बच्चों के जीवन में इल्म और संस्कार की पहली सीढ़ी है. इससे बच्चों में धार्मिक चेतना, नैतिकता और अनुशासन का विकास होता है. कार्यक्रम में बच्चों के उज्ज्वल भविष्य, समाज में अमन-शांति और देश की तरक्की के लिए विशेष दुआ की गई. कार्यक्रम में मौलाना शेर मोहम्मद, मौलाना रूहूला, हाफीज एजाज, हाफीज अरसलान हाफीज तौसीफ, हाफीज एकबाल, सदर कुरबान खान,सेक्रेटरी इम्तियाज़ खान, ख़ुर्शीद आलम सहित काफ़ी संख्या में जिला और जिला से बाहर के लोग शामिल हुए.
तोरपा के कोचा मदरसा में दस्तारबंदी कार्यक्रम आयोजित
विभिन्न जगहों के नौ बच्चियों ने दस्तारबंदी ग्रहण किया
