झारखंड के खनिज और राजस्व पर किसका अधिकार? 7 सितंबर को कांग्रेस करेगी बड़ा प्रदर्शन

केंद्र सरकार के एमएमडीआर संशोधन विधेयक के खिलाफ कांग्रेस 7 सितंबर को लोकभवन के समक्ष धरना देगी। इससे झारखंड को भारी राजस्व नुकसान होने की आशंका है।

खूंटी. केंद्र सरकार के खान एवं खनिज संशोधन विधेयक के विरोध में कांग्रेस सात सितंबर को लोकभवन के समक्ष धरना-प्रदर्शन करेगी. इसमें खूंटी जिले से भी बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल होंगे. यह जानकारी कांग्रेस के प्रदेश मीडिया प्रभारी राकेश सिन्हा ने शनिवार को सांसद कार्यालय परिसर में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में दी.

उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार राज्य की खनिज संपदा और राजस्व पर नियंत्रण बढ़ाने का प्रयास कर रही है. उन्होंने कहा कि राज्य के खनिज राजस्व पर नियंत्रण बढ़ने से झारखंड के विकास पर सीधा असर पड़ेगा. जमीन हमारी, खनिज हमारा और विस्थापन भी हमारा है. खनन से होने वाले प्रदूषण का खामियाजा झारखंड को भुगतना पड़ता है, ऐसे में राजस्व पर किसी दूसरे का अधिकार स्वीकार नहीं किया जा सकता.

राकेश सिन्हा ने राम मंदिर के चंदे को लेकर भी भाजपा और आरएसएस पर आरोप लगाये. उन्होंने कहा कि मंदिर में चढ़ावे की राशि का सार्वजनिक और पारदर्शी हिसाब जनता के सामने आना चाहिए. उन्होंने आरोप लगाया कि चंदा चोरी के मामले में भाजपा और आरएसएस लीपापोती करने में लगी है.

प्रदेश प्रवक्ता अख्तर अली ने कहा कि एमएमडीआर संशोधन से झारखंड को 22 से 26 हजार करोड़ रुपये के राजस्व नुकसान की आशंका है. मौके पर कांग्रेस जिलाध्यक्ष रवि मिश्र, उपाध्यक्ष विक्रम नाग समेत अन्य मौजूद थे.

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By चंदन कुमार

चंदन कुमार खूंटी के ब्यूरो प्रभारी हैं और उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 16 वर्षों से अधिक का अनुभव है. उन्होंने वर्ष 2010 में खूंटी से पत्रकारिता की शुरुआत की और वर्ष 2017 में प्रभात खबर से जुड़े. लंबे समय से खूंटी जिले में सक्रिय पत्रकारिता के कारण उन्हें जिले के सामाजिक, राजनीतिक और प्रशासनिक मामलों की गहरी समझ और मजबूत पकड़ है.

चंदन कुमार नक्सली घटनाओं, आदिवासी समाज से जुड़े मुद्दों, राजनीतिक गतिविधियों, सामाजिक सरोकारों और जिला प्रशासन की गतिविधियों सहित जनहित से जुड़े विभिन्न विषयों को प्रमुखता से कवर करते हैं. क्षेत्र की जमीनी समस्याओं को सामने लाने और आम लोगों की आवाज को प्रमुखता देने वाली उनकी पत्रकारिता उनकी खास पहचान है.

खूंटी की स्थानीय परिस्थितियों और संवेदनशील मुद्दों की समझ के साथ वे तथ्यपरक और जिम्मेदार पत्रकारिता के माध्यम से महत्वपूर्ण घटनाक्रमों को पाठकों तक पहुंचाने का कार्य कर रहे हैं.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >