बुंडू. अखिल भारतीय प्रगतिशिल महिला एसोशिएशन (ऐपवा ) ने सावित्रीबाई फुले व मरांग गोमके जयपाल सिंह मुंडा की संयुक्त रूप से जयंती गितिलडीह, बुंडू में मनायी. दोनों की तस्वीर पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी गयी. ऐपवा नेत्री लखिमनी मुंडा ने कहा कि सावित्रीबाई फुले भारत की प्रथम महिला शिक्षिका, समाज सुधारक और नारी मुक्ति आंदोलन की अग्रदूत थीं. महिला को शिक्षा देने का काम किया. महिला विरोधियों से बिना डरे शिक्षा का दीप भारतवर्ष में सर्वप्रथम जलाया. उन्होंने दलितों, शोषितों और महिलाओं के अधिकारों के लिए जीवन भर संघर्ष किया. बाल विवाह, सती प्रथा, छुआछूत और विधवा उत्पीड़न जैसी कुप्रथाओं के खिलाफ आवाज उठायी. विधवाओं के लिए आश्रय गृह और बाल हत्या रोकने के लिए काम किया. उनका जीवन त्याग, साहस और शिक्षा के माध्यम से समाज परिवर्तन का प्रतीक है. कार्यक्रम में मुख्य रूप से ठाकुरमनी मुंडा, चांदमनी मुंडा, सुनिया मुंडा, सोमबारी मुंडा, पंचु मुंडा, बिमला मुंडा व रोहनी मुंडा आदि मौजूद थे.
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