अड़की (खूंटी). अवैध अफीम की खेती पर रोक लगाने और ग्रामीण क्षेत्रों में फैली सामाजिक कुप्रथाओं के उन्मूलन को लेकर अड़की पुलिस ने विशेष जागरूकता अभियान चलाया. पुलिस टीम ने विभिन्न गांवों में चौपाल लगाकर ग्रामीणों को अफीम की खेती से होने वाले नुकसान और इसके कानूनी परिणामों की जानकारी दी.
अवैध अफीम की खेती नहीं करने की अपील
पुलिस टीम ने कोचांग, साके, इचाहतू, जिलुगड़ा, आडाहातू, लाउली, कुरिया और लोंगा गांव में ग्रामीणों के साथ बैठक कर अवैध अफीम की खेती नहीं करने की अपील की. पुलिस ने बताया कि अफीम की खेती न केवल कानूनन अपराध है, बल्कि इससे परिवार और समाज पर भी गंभीर दुष्प्रभाव पड़ता है. ग्रामीणों से अफीम की खेती से दूर रहने और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करने की अपील की गयी.
अंधविश्वास के बजाय कानून और वैज्ञानिक सोच
वहीं, ग्राम कटुई में आयोजित हॉकी मैच के दौरान जुटे करीब हजारों लोगों को भी पुलिस ने जागरूक किया. इस दौरान ग्रामीणों को अफीम की खेती के दुष्प्रभावों के साथ-साथ ‘डायन-बिसाही’ जैसी सामाजिक कुप्रथाओं के खिलाफ जागरूक किया गया. पुलिस ने लोगों से अंधविश्वास के बजाय कानून और वैज्ञानिक सोच पर भरोसा करने की अपील की.
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तत्काल सहायता के लिए डायल 112
अभियान के दौरान पुलिस ने ग्रामीणों को किसी भी आपात स्थिति में तत्काल सहायता के लिए डायल 112 का इस्तेमाल करने की जानकारी दी. पुलिस ने कहा कि अवैध गतिविधियों और सामाजिक कुप्रथाओं के खिलाफ ग्रामीणों की जागरूकता और सहभागिता से ही प्रभावी रोकथाम संभव है.
