मानकी बंद खदान से निकल रहा धुआं

वातावरण हो रहा है प्रदूषित खाक हो जायेगा मानकी पहाड़ी खलारी : खलारी थानांतर्गत मानकी काली मंदिर के पीछे बंद पड़ा मानकी दो नंबर खदान से अनवरत धुआं निकल रहा है. यह भूमिगत खदान करीब पांच दशक पूर्व निजी खदान मालिकों के द्वारा खोला गया था. वर्ष 1973 में कोयला खानों के राष्ट्रीयकरण के दौरान […]

वातावरण हो रहा है प्रदूषित
खाक हो जायेगा मानकी पहाड़ी
खलारी : खलारी थानांतर्गत मानकी काली मंदिर के पीछे बंद पड़ा मानकी दो नंबर खदान से अनवरत धुआं निकल रहा है. यह भूमिगत खदान करीब पांच दशक पूर्व निजी खदान मालिकों के द्वारा खोला गया था.
वर्ष 1973 में कोयला खानों के राष्ट्रीयकरण के दौरान यह खदान सीसीएल के एनके एरिया के अधीन आ गयी. तब तक यह भूमिगत खदान करीब दस वर्ष पुरानी हो चुकी थी. सीसीएल प्रबंधन ने खदान बंद करने का फैसला किया और तय मानकों को पूरा किये बिना जैसे-तैसे खदान के मुहानों को बंद कर दिया. पिछले करीब 15 दिनों से जहां मानकी दो नंबर खदान है, उस पहाड़ी से धुआं निकल रहा है और इस धुएं में तेज गरमी है.
सीसीएल प्रबंधन ने इस बंद खदान को लकड़ी और तार से घेर रखा था, ताकि कोई उस दायरे में नहीं जा सके. लेकिन आज सारा घेरा टूट चुका है. इस जगह के निकट ही मानकी कॉलोनी है. यदा-कदा महिलाएं बच्चे उस ओर घूमने जाया करते हैं. धुआं निकलने से आसपास की झाड़ियां झुलसने लगी हैं. मानकी एक नंबर में भी यही स्थिति थी. जिससे पूरी पहाड़ी जल कर खाक हो गया था.
कई हेक्टेयर जमीन बंजर हो गये थे. दो साल पहले भी मानकी दो नंबर खदान से इसी तरह गरम धुआं निकलना शुरू हुआ था. तब प्रबंधन ने तत्काल डोजरिंग कर तथा बालू भर कर इस धुएं को रोका था. इसबार भी जल्द पहल नहीं किया गया तो मानकी दो नंबर पहाड़ी को खाक होने से रोकना संभव नहीं होगा.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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