रोहिणी ब्लॉक में है कोयले का बड़ा भंडार

खलारी : बीते वर्ष रोहिणी जमीन समस्या से जूझ रहा था. फॉरेस्ट से 74.81 हेक्टेयर जमीन का क्लीयरेंस मिला है, जिस पर उत्पादन शुरू हो गया है. फॉरेस्ट की इस जमीन में 167 लाख टन कोयले का भंडार है. इस वर्ष की खुदाई के बाद 137 लाख टन कोयला बचा है. औसतन तीस लाख टन […]

खलारी : बीते वर्ष रोहिणी जमीन समस्या से जूझ रहा था. फॉरेस्ट से 74.81 हेक्टेयर जमीन का क्लीयरेंस मिला है, जिस पर उत्पादन शुरू हो गया है. फॉरेस्ट की इस जमीन में 167 लाख टन कोयले का भंडार है. इस वर्ष की खुदाई के बाद 137 लाख टन कोयला बचा है. औसतन तीस लाख टन प्रतिवर्ष कोयला खनन हुआ तो चार से पांच वर्ष में इस जमीन का कोयला समाप्त हो जायेगा.
कामगार अभी से चिंतित हैं कि इसके बाद रोहिणी का क्या होगा, लेकिन पीओ मनोजकुमार अग्रवाल ने बताया कि रोहिणी के कामगारों को चिंता करने की जरूरत नहीं है. रोहिणी कोल ब्लॉक बहुत बड़ा क्षेत्र है जिसमें कोयले का बड़ा भंडार है. रोहिणी कोल ब्लॉक में मैक्लुस्कीगंज के नावाडीह तक का इलाका आता है. सीएमपीडीआइ को इसका प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार करने के लिए आदेश दिलाया गया है. सीएमपीडीआइ द्वारा एक्सपैंसन प्रोजेक्ट प्रपोजल जमा करने के बाद रोहिणी का विस्तार किया जायेगा.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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