डकरा : पिछले कुछ दिनों से अशांत कोयलांचल को यज्ञ की आवश्यकता है. ताकि इस धरती में श्रद्धा, भक्ति व शांति की धारा बह सके. उक्त बातें श्री श्री 1008 त्यागी महाकाल श्री मौनी बाबा जी महाराज के हवाले से उनके सहयोगी श्री महंत नारायण दास जी ने बुधवार को डकरा दुर्गा मंडप परिसर में पत्रकारों से बातचीत में कही.
नारायण दास जी ने बताया कि मौनी बाबा पिछले 36 वर्षों से मौन धारण किये हुए हैं. उन्होंने प्रण किया है कि मौन रहते हुए अपने जीवन काल में कुल 108 यज्ञ कराने के बाद अपना मौन व्रत तोड़ेंगे. उन्होंने अब तक 60 यज्ञ कराये हैं. 61 यज्ञ कराने के उद्देश्य से वे दो दिन पहले डकरा पहुंचे हैं.
मुक्ति नारायण स्वामी स्थान नेपाल में स्थायी रूप से रहन वाले और कमाख्या सिंध निलांचल पर्वत असाम में ज्ञान प्राप्त करनेवाले मौनी बाबा डकरा में रुद्र चंडी महायज्ञ एवं श्रीमदभागवत कथा का दिव्य आयोजन कराने के उद्देश्य से डकरा आये हैं. इसके लिए 30 दिसंबर को दुर्गा मंडप परिसर में स्थानीय लोगों की बैठक बुलायी गयी है. लोगों का सहयोग प्राप्त होने के बाद यज्ञ कराने और उसकी रूपरेखा तय करने पर चर्चा की जायेगी. मौनी बाबा विगत 36 वर्ष से सिर्फ एक समय दूध और फल आहार के रूप में लेते हैं. इन दिनों डकरा में उनसे आशीर्वाद लेनेवालों की भीड़ लगी रहती है.
