इन छह सालों में छह सचिव, पांच अभियंता प्रमुख व चार मंत्री बदले, पर काम पूरा नहीं हुआ
एलएनटी के साथ सरकार का समझौता हुआ समाप्त
एक वर्ष के एक्सटेंशन की संचिका सचिव ने लौटायी
दीपक
रांची : रांची की शहरी जलापूर्ति योजना छह वर्ष बाद भी पूरी नहीं हो पायी है. 2014 नवंबर में पेयजल और स्वच्छता विभाग की तरफ से एलएनटी को बचे हुए कार्य को पूरा करने का कार्यादेश दिया गया था. सात नवंबर 2016 को कार्यादेश के अनुरूप समझौता समाप्त हो गया. इस योजना की शुरुआत 2009-10 में हुई थी. इन छह सालों में छह सचिव, पांच अभियंता प्रमुख व चार मंत्री बदल गये, पर योजना पूरी नहीं हुई.
विभाग की तरफ से एलएनटी को बचे हुए काम को पूरा करने के लिए एक वर्ष की और मोहलत देने की संचिका बढ़ायी गयी थी, जिसे विभागीय सचिव एपी सिंह ने लौटा दिया है. अब तक योजना में दो जगहों पर ओवरब्रिज बनाने, 25 प्रतिशत पाइपलाइन बिछाने, तीन ओवरहेड पानी की टंकी बनाने और इंटेकवेल के निर्माण का कार्य भी पूरा नहीं हो पाया है. इलेक्ट्रोमेकेनिकल डिजाइन से संबंधित संचिका छह माह से अधिक समय से स्वीकृति के लिए विभाग के यांत्रिकी प्रमंडल और सेंट्रल डिजाइन ऑर्गेनाइजेशन (सीडीओ) के पास चक्कर काट रही है. चार लाख से अधिक की आबादी को पीने का पानी उपलब्ध कराने की यह सरकार की महत्वाकांक्षी योजना थी.
जानकारी के अनुसार रांची शहरी जलापूर्ति योजना में अब तक पेयजल और स्वच्छता विभाग के छह सचिव, चार विभागीय मंत्री और पांच अभियंता प्रमुख बदल गये. 2009-10 में जब योजना को स्वीकृति दी गयी थी, उस समय पीके जाजोरिया विभागीय सचिव थे. इनके बाद एसएस मीना, सुधीर प्रसाद, सुखदेव सिंह और सुधीर प्रसाद सचिव बनाये गये. फिलहाल एपी सिंह सचिव के पद पर हैं. इस दौरान अभियंता प्रमुख के पद पर सज्जाद हसन, शारदेंदु नारायण, डीडी शर्मा, हीरा लाल प्रसाद भी रहे. अब रमेश कुमार अभियंता प्रमुख हैं.
