क्रिसमस पर आयोजित प्रार्थना सभा में बिशप विनय कंडुलना ने कहा
खूंटी : प्रभु यीशु हमारे लिए धरती पर आये. उन्हाेंने दया, आनंद व शांति के लिए अपना सर्वस्व त्याग दिया. धरती के प्राणी सुखी हों इसके लिए उन्होंने अपना बलिदान कर दिया. आवश्यकता है कि हम सभी अपने हृदय के द्वार खोलें. प्रभु की कृपा और मुक्ति को ग्रहण करें. ईसा मसीह दया, क्षमा, प्रेम के प्रतिमूर्ति थे. यह बात रविवार को रोमन कैथोलिक चर्च परिसर में क्रिसमस पर आयोजित प्रार्थना सभा में बिशप विनय कंडुलना ने कही.
आगे उन्होंने कहा कि सभी प्रसन्नचित होकर प्रभु की अाराधना करें. पूरी मानव जाति के लिए उद्धार का संदेश है क्रिसमस. फादर विशु बेंजामिन, फादर अगुस्तीन कुजूर, फादर बिनेदिक बारला ने कहा कि यीशु के आदर्श अंधकार पर प्रकाश, घृणा पर प्रेम और हिंसा पर शांति व सदभाव से विजय प्राप्त करना है. यीशु मसीह का संदेश प्रासंगिक है. सबको सुसमाचार देने का त्योहार है क्रिसमस. सभी अपने जीवन में धार्मिकता का सूर्य चमकने दें. मिस्सा अनुष्ठान सहित यीशु चुंबन में लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी. कोयर दल ने भक्तिमय गीत पेश किये. मौके पर जेवियर बोदरा, अजीत बारला, भूषण मिंज, सिस्टर कुंती, पीटर मुंडू, पीटर कोनगाड़ी सहित हजारों की संख्या में अनुयायी उपस्थित थे.
