खूंटी : संपूर्ण विश्व को सरना धर्म बताता है कि मनुष्य का कर्म ही उसका सबसे बड़ा धर्म है. यह विश्व को प्रकृति की रक्षा करने की सीख देता है. उक्त बातें करम महोत्सव में सोमवार को पूर्व सीएम अर्जुन मुंडा ने कही. उन्होंने कहा कि सरना धर्म विश्व समुदाय का एक मुख्य धर्म है, जो पूर्णत: कर्म पर ही आधारित है. करम की डाली श्रम करने और इर्ष्या व द्वेष की तिलांजलि देकर भाइचारे का संदेश देता है.
करम पूजा का संदेश कर्म पूजा नहीं, बल्कि प्रकृतिकी उपासना की महत्ता से रूबरू कराना है. तोरपा विधायक पौलुस सुरीन, भाजपा जिलाध्यक्ष काशीनाथ महतो, मदन मोहन मिश्र, चंद्रावती सारू, दुर्गावती ऑड़ेया, मदिराय मुंडा, रानी टूटी, जगन्नाथ मुंडा, नौरी पूर्ति ने कहा कि सरना धर्म की एक अलग पहचान है. जो आपस में हमेशा भाईचारगी की सीख देता है. त्योहार प्रकृति एवं संस्कृति का जीवंत दर्शन है. करमा के गीतों में लोक जीवन के दर्शन हैं. इससे पूर्व बिरसा लाइब्रेरी के समीप स्थित करम अखाड़ा में करम डाली की स्थापना कर विधिवत अनुष्ठान किया गया. बैजनाथ पाहन ने विधिवत करम डाली की पूजा-अर्चना की. फिर करम की कहानी कही.
प्रसाद का वितरण हुआ. इसके बाद ढोल एवं मांदर की थाप पर सामूहिक नृत्य शुरू हुआ. सैकड़ों स्त्री-पुरूष त्योहार की भक्ति में डूब कर पूरी रात इस कार्यक्रम को जारी रखा. कार्यक्रम को सफल बनाने में मुनी महादेव, भीम सिंह मुंडा, प्यारी टूटी, राम मुंडा, भैयाराम मुंडा, राम मुंडा, बिरसा मुंडा, चरण सिंह टूटी, महावीर साहू, राणा प्रताप स्वांसी व अन्य का योगदान रहा.
अर्जुन मुंडा व पौलुस सुरीन का हुआ भव्य स्वागत : पूर्व सीएम अर्जुन मुंडा व तोरपा विधायक पौलुस सुरीन के यहां पहुंचने पर सरना धर्मावलंबियों ने उनका भव्य स्वागत किया. सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किये गये थे. खुद एसडीपीओ रणवीर सिंह, पुलिस निरीक्षक कमल किशोर मौजूद थे.
