कर्रा. कर्रा प्रखंड के गोविंदपुर मिशन चौक में मंगलवार को स्वर्गीय एनइ होरो की शत वर्षीय जयंती मनायी गयी. उनके स्मृति में पत्थरगड़ी की गयी. इस अवसर पर आदिवासी परंपरा के अनुसार विभिन्न गांव के पहानों ने विधिवत पूजा-अर्चना कर पत्थरगड़ी की. इसके बाद अतिथियों ने उनकी प्रतिमा और पत्थरगड़ी में माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया. मुख्य अतिथि खूंटी के धर्मप्रांत बिशप मोडिएटर मार्शल केरकेट्टा और विशिष्ट अतिथि तोरपा विधायक सुदीप गुड़िया की धर्मपत्नी अनिता कंडुलना, समाजसेवी दयामनी बारला मौजूद रहे. इस अवसर पर मुख्य अतिथि खूंटी धर्मप्रांत बिशप मोडिएटर मार्शल केरकेट्टा ने कहा कि झारखंड गोमके स्वर्गीय एनइ होरो ने हमें हक की लड़ाई लड़ना सिखाया है. हम सभी को उनके बताये मार्ग पर चलना चाहिए. तोरपा विधायक सुदीप गुड़िया की धर्मपत्नी अनिता कंडुलना ने कहा कि झारखंड गोमके स्वर्गीय एनइ होरो ने जल, जंगल जमीन को अपनी पहचान बनायी. उन्होंने हमेशा लोगों को जोड़ कर आंदोलन चलाया. पत्थरगढ़ी केवल परंपरा नहीं, वह हमारा अस्तित्व और पहचान है. दयामनी बारला ने कहा कि स्वर्गीय एनइ होरो को झारखंड आंदोलन का भीष्म पितामह कहा जाता है. उन्होंने झारखंड आंदोलन में उनकी भूमिका पर प्रकाश डाला. स्वर्गीय एनइ होरो के साथी जोन पाहन ने उनके झारखंड आंदोलन और जीवन पर जानकारी दी. उन्होंने कहा कि 1967-68 में होरो साहब से मुलाकात हुई और वह होरो साहब से जुड़े. उन्होंने लोगों को नेक राह पर चलना सिखाया. एनइ होरो दो बार खूंटी लोकसभा से सांसद और सात बार विधायक चुने गये थे. मौके पर जिला परिषद अध्यक्ष मसीह गुड़िया, ज्योत्सना केरकेट्टा, भिमसेंट संगा, नामजन होरो, नेलेन होरो, गोविंदपुर पेरीस के चेयरमैन एस बारला, शिबू होरो, पूनम बारला, सुनीता चोचा, मीणा देवी, पादरी बीके भेंगरा, बिमल होरो, डॉ हेमंत तोपनो, जोनसन होरो, जोन पाहन, पथलगाड़ी आयोजन समिति गोविंदपुर संयोजक सुशील कंडुलना, दिलीप होरो, सागेन बरला, नमजन होरो, रोशन लकड़ा, सुधीर होरो, संजय मुंडा, आशीष होरो, बढ़ाई होरो, बिरसा मुंडा सहित अन्य उपस्थित थे.
झारखंड गोमके एनइ होरो ने हमें हक की लड़ाई लड़ना सिखाया है
कर्रा प्रखंड के गोविंदपुर मिशन चौक में मंगलवार को स्वर्गीय एनइ होरो की शत वर्षीय जयंती मनायी गयी.
