विरोध में लोगों ने पिपरवार-एनके एरिया को बंद कराया
पिपरवार : पिपरवार जीएम ऑफिस के निकट शनिवार को अज्ञात अपराधकर्मियों द्वारा एक होटल में अंधाधुंध फायरिंग में घायल सीसीएलकर्मी सुरेश गंझू (उर्फ अमिरवा गंझू) की रांची की मेडिका अस्पताल में बुधवार को अहले सुबह इलाज के दौरान मौत हो गयी. मौत की खबर मिलते ही ग्रामीण आक्रोशित हो गये.
बुधवार सुबह दर्जनों बाइक पर सवार ग्रामीणों ने एक-एक कर पिपरवार व एनके क्षेत्र के सीसीएल प्रतिष्ठानों को बंद करा दिया. ट्रांसपोर्टिंग सड़कों पर डंपरों के पहिये थम गये. क्षेत्र के सभी कोल डंप में काम बंद करा दिया गया. जीएम ऑफिस सहित सभी परियोजना कार्यालयों से सीसीएलकर्मियों को बाहर कर दिया गया. घटना की सूचना मिलते ही खलारी डीएसपी प्रमोद कुमार केसरी व थाना प्रभारी राजदेव प्रसाद सदल-बल पिपरवार पहुंचे. जीएम ऑफिस की सुरक्षा के लिए जवानों को तैनात कर दिया गया. फायरिंग में लखन महतो की घटना स्थल पर ही मौत हो गयी थी, जबकि घायल सुरेश गंझू व जगदीश महतो को रांची के मेडिका अस्पताल में भरती कराया गया था.
सूत्रों के अनुसार जगदीश महतो की हालत अब भी चिंताजनक बनी हुई है.त्रिपक्षीय वार्ता के बाद काम शुरू : पिपरवार जीएम ऑफिस में बुधवार दोपहर जीएम एसएस अहमद की अध्यक्षता में ग्रामीणों की सीसीएल प्रबंधन व प्रशासन के बीच त्रिपक्षीय वार्ता हुई. प्रशासन की ओर से खलारी डीएसपी प्रमोद कुमार केसरी, थाना प्रभारी राजदेव प्रसाद व ग्रामीणों की ओर से सिमरिया विधायक गणेश गंझू उपस्थित थे. डीएसपी ने अतिशीघ्र सभी अपराधकर्मियों की पहचान कर गिरफ्तार करने का आश्वासन दिया. वहीं प्रबंधन की ओर से जीएम ने सुरेश गंझू के आश्रित पुत्र के लिए रोस्टर का लाभ देने की बात कही.
उन्होंने कहा कि रोस्टर खोल देने के बाद आश्रित पुत्र के 18 वर्ष पूरा होते ही स्वत: नौकरी मिल जायेगी. इसके अलावे जीएम ऑफिस के निकट अवैध रूप से संचालित होटलों को हटाने व सड़क किनारे रोशनी करने का आश्वासन दिया. वार्ता के बाद शाम से क्षेत्र में काम-काज शुरू हो गया. वार्ता में एसओपी उमेश सिंह, कैप्टन एमके सिंह, भगवान सिंह, अर्जुन गंझू, सुखी गंझू, धनेष्वर गंझू व अन्य शामिल थे.
