अंतरराष्ट्रीय आदिवासी दिवस धूमधाम से मनाया गया, डीडीसी ने कहा
चतरा : अंतरराष्ट्रीय आदिवासी दिवस मंगलवार को नगर भवन में धूमधाम से मनाया गया. इसमें जिले भर के आदिवासी समुदाय के लोगों ने भाग लिया. कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डीडीसी बिरसाय उरांव व विशिष्ट अतिथि एलीना होरो समेत कई लोग उपस्थित थे.
कार्यक्रम का उदघाटन भगवान बिरसा मुंडा पर माल्यार्पण वदीप प्रज्वलित कर किया गया. कार्यक्रम में एक से बढ़ कर एक आदिवासी संगीत, नृत्य प्रस्तुत किया गया. मुख्य अतिथि डीडीसी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि आदिवासियों के लिए शिक्षा का अधिकार महत्वपूर्ण है. आदिवासियों के शिक्षा का अधिकार का उल्लंघन सदियों से होता आ रहा है.
उनके भाषा, संस्कृति व शिक्षा पद्धति का संरक्षण व संवर्धन का अधिकार से वंचित किया गया है. खासकर आदिवासियों के जल, जंगल, जमीन के अधिकार का अन्य समुदाय, विभिन्न कंपनियां बेबाक उल्लंघन कर रही हैं. उन्होंने कहा कि स्व रामदयाल मुंडा के प्रयास से आज विश्व में विश्व आदिवासी दिवस मनाया जाता है. एलिना होरो ने कहा कि आदिवासियों के शिक्षा के अधिकार संयुक्त राष्ट्र संघ में आदिवासियों के अधिकारों की घोषणा पत्र में संरक्षित है. आगे उन्होंने कहा कि आदिवासी महिलाओं के साथ होने वाले कई प्रकार के हिंसा में दिन-प्रतिदिन बढ़ोतरी हो रही है. जैसे डायन कुप्रथा, मानव तस्करी, घरेलू हिंसा, बलात्कार, छेड़खानी इत्यादि जिसे सरकार व समाज अबतक रोक पाने में अक्षम है.
आदिवासियों को एकजुट होकर सभी चुनौतियों का सामना करने की जरूरत है. समाज में घट रही घटनाओं को सभी को मिल कर रोकना होगा. जिप अध्यक्ष ममता देवी ने कहा कि आदिवासियों को अपने अधिकार के प्रति सचेत होने की जरूरत है. आदिवासी मन के सच्चे होते हैं. विश्व आदिवासी समारोह का आयोजन आदिवासियों के अस्तित्व से जुड़ा है.
आदिवासी जन अपनी एकजुटता व मजबूत सांस्कृतिक पूर्वजों के रीति-रिवाज लगाव का इजहार कर अपने हक के लिए आवाज बुलंद करें. कार्यक्रम को जिप उपाध्यक्ष रूबी वर्मा, जिप सदस्य निशा कुमारी, पूर्व जिप उपाध्यक्ष देवनंदन साहू, जिला कल्याण पदाधिकारी भोला नाथ लागुरी, आदिवासी समाज के अध्यक्ष निर्मला केरकेट्टा ने भी संबोधित किया. मंच का संचालन टंडवा के पूर्व जिप सदस्य शोभा कुजूर ने किया.
इस मौके पर सुनीता देवी, सरयु उरांव, सुरेश उरांव, रमेश उरांव, मादी उरांव, विजय उरांव, सुमन शेखर मुंडा, संध्या लकडा, रीना, ज्योति, सोनी समेत कई लोग उपस्थित थे. आदिवासी समुदाय की खबर प्रभात खबर में प्रकाशित होने पर कार्यक्रम में शामिल लोगों ने तारीफ की.
नृत्य-संगीत से युवक-युवतियों ने बांधा समां :आदिवासी समाज के युवक-युवतियों ने कार्यक्रम के दौरान एक से बढ़ कर एक गीत-नृत्य प्रस्तुत कर उपस्थित अतिथियों व लोगों का मन मोह लिया.
मांदर की थाप से पूरा हाल गूंजता रहा. आदिवासी वेश-भूषा में युवक-युवतियों ने अपनी परंपरा को लोगों के सामने दर्शाया. चरकी टोंगरी डाढ़ा, टुटीलावा, नाजरेथ स्कूल, मरदनपुर के कलाकारों ने कार्यक्रम में एक से बढ़ कर नृत्य-संगीत प्रस्तुत किया.
