हजारीबाग : जारीबाग के प्रमंडलीय बंदोबस्त कार्यालय में उजरतभोगी अमीनों को दस वर्षों से मानदेय नही मिला है. यहां 2200 सौ से अधीक अमीन कार्यरत है.अधिकांश अमीनों को सर्वे काम से भी वंचित रखा गया है. कोडरमा के सतगांवां में एवं चतरा के हंटरगंज में 400 अमीनों को सर्वे काम पर लगाया गया है.
शेष 1800 अमीन बेकार में बैठे है. सर्वे काम में रखने के लिए अमीन प्रतिदिन बंदोबस्त कार्यालय का चक्कर लगानें को मजबूर है.
आज भी मानदेय अंग्रेजी हुकूमतवाला : अमीनों को मानदेय आज भी वही लागू है जो 105 पांच वर्ष पहले अंग्रेजी हुकूमत के समय था. बताया जाता है कि वर्ष 1911 में अंग्रेजों के समय सर्वे हुआ.
उस समय उतरत भोगी अमीनों को प्रति प्लाट दस पैसे, 25 पैसे एवं 50 पैसे सर्वे कार्य में दिया गया. आज भी वही पैसा लागू है. वह भी समय पर नहीं दिया जा रहा है. अमीन गुस्से में हैं. धीरे धीरे वे गोलबंद हो रहे है.बड़ा आंदोलन करने की सोच रहे हैं.
परिमाप निरीक्षक को समय पर वेतन नहीं : कार्यालय में कायर्रत दैनिक भोगी कर्मी परिमाप निरीक्षक, सर्वेयर एवं मुसरिनको भी समय पर वेतन नहीं मिल रहा है. पदाधिकारी इन सभी से काम ले रहें है. वेतन के समय कहा जाता है कि रांची सचिवालय से वेतन नही आया है. कार्यालय में कार्यरत परिमाप निरीक्षक की संख्या 24 है. सर्वेयर दस हैं. मुनसरिन की संख्या 09 है. दो वर्षों से इन सभी को भी वेतन नहीं मिला है.
