झारखंड प्रशासनिक सेवा संघ की बैठक में बनी रणनीति
रांची : राज्य सरकार द्वारा उप विकास आयुक्त के पदों पर बाहर के अभ्यर्थी व अन्य सेवा के पदाधिकारी को पदस्थापित करने के फैसले के खिलाफ झारखंड प्रशासनिक सेवा के अफसर हड़ताल पर जा सकते हैं. शनिवार को हटिया क्लब में हुई झारखंड प्रशासनिक सेवा संघ (झासा) की बैठक में विधायसभा का बजट सत्र खत्म होने के बाद आंदोलन की रणनीति पर विचार किया गया.
तय किया गया कि बजट सत्र के बाद प्रमंडलवार झासा की बैठक कर आंदोलन की तैयारी को अंतिम रूप दिया जायेगा. मई में झासा की आमसभा आयोजित कर हड़ताल समेत अन्य विकल्पों पर विचार कर आंदोलन शुरू कर दिया जायेगा.
बैठक में सदस्यों ने कहा कि राज्य में झारखंड प्रशासनिक सेवा से उप विकास आयुक्त का पद समाप्त किया जा रहा है. दूसरी तरफ संयुक्त सचिव के पदों में कमी कर झारखंड प्रशासनिक सेवा के पदाधिकारियों की प्रोन्नति अवरुद्ध की जा रही है.
राज्य सरकार झारखंड प्रशासनिक सेवा के अफसरों के लिए सृजित व चिह्नित किये गये कुल पदों की संख्या 120 है. इसमें उप विकास आयुक्त के 18 पद झारखंड प्रशासनिक सेवा के अफसरों के लिए सृजित व चिह्नित हैं.
सदस्यों का कहना था कि डीडीसी के पदों की संख्या घटा कर 102 करने की साजिश रची जा रही है. सदस्यों ने सरकार से पद नहीं घटाने और जरूरत के मुताबिक मानदंड या पारामीटर तय कर डीडीसी के चिह्नित पदों पर झारखंड प्रशासनिक सेवा के पदाधिकारियों को ही पदस्थापित करने की मांग की.
बैठक में सदस्यों ने राज्य सरकार पर बेसिक ग्रेड का वेतनमान पे-बैंड दो से पे-बैंड तीन के अंतर्गत निर्धारित करने, जेपीएससी के द्वितीय व तृतीय बैच के पदाधिकारियों को प्रोन्नत करने, राज्य प्रशासनिक सेवा के अफसरों को आइएएस के रूप में प्रोन्नति देने के लिए यूपीएससी को गत तीन वर्षों की रिक्तियां भरने का प्रस्ताव भेजने समेत अन्य मांगों के संबंध में दबाव बनाने का फैसला भी किया. बैठक में झारखंड के अध्यक्ष दानियल कंडुलना, महासचिव यतींद्र प्रसाद समेत बैठक में झासा के 150 से अधिक पदाधिकारी शामिल थे.
