खूंटी : किसी हादसे के बाद प्राथमिक उपचार सही ढंग से हो, तो घायल की जान बचने की संभावना ज्यादा रहती है. उक्त बातें देवकमल अस्पताल रांची के वरीय सर्जन डॉ अनंत कुमार ने कही.
वे शुक्रवार को सदर अस्पताल खूंटी में आयोजित कार्यशाला में बोल रहे थे. कार्यशाला का आयोजन जिला पुलिस विभाग व सदर अस्पताल खूंटी द्वारा किया गया था. डॉ अनंत कुमार व विनीता बताया कि अगर किसी हादसे में अंगुली कट जाये, तो उसे लेकर तुरंत अस्पताल जाना चाहिए.
दर्द होने पर पारासिटामोल दवा उपयोग कर सकते हैं. कटे हुए अंग को तीन घंटे के अंदर दुबारा जोड़ा जा सकता है. उन्होंने बताया की मुंह में चोट आने पर घायल को सीधे नहीं लिटाना चाहिए. ऐसे करने से खून मुंह से होते हुए फेफड़े में चला जाता है. फेफड़े में खून जाने से घायल को बचाना मुश्किल हो जाता है.
ऐसे घायलों को तिरछा लिटा कर अस्पताल लाना चाहिए. हाथ या पैर में कटने से खून बह रहा हो, तो उस हिस्से को ऊपर कर देने से खून का बहना काफी हद तक कम हो जाता है. कार्यशाला में सीएस डॉ बिनोद उरांव, एसीएमओ डॉ रामरेखा प्रसाद, एएसपी डॉ पीआर मिश्र, एसडीपीओ दीपक शर्मा, विजय महतो, इंस्पेक्टर कमल किशोर, डीपीएम काननबाला तिर्की आदि मौजूद थे.
