खूंटी : मुरहू के पंचघाघ जलप्रपात की सुंदरता देखते ही बनती है़ मुरहू से करीब तीन किमी दूर स्थित है पंचघाघ जलप्रपात़ यहां दिसंबर व जनवरी माह में सैलानियों की भीड़ लगी रहती है़ पांच नदियां यहां आकर मिलती है, इस कारण इसका नाम पंचघाघ पड़ा. पांच नदियों वाले इस जलप्रपात का उदगम स्थल बनई नदी है. जलटंडा से तुरांग जाने के क्रम में बनई नदी मुरहू के समीप पंचघाघ में पांच भागों में विभक्त होकर पांच झरनों को जन्म देती है.
ये झरने आपस मे मिल कर पुन: नदी का रूप ले गंतव्य को प्रस्थान करती है. पंचघाघ जलप्रपात में जब नदी पर्वतों से टकरा कर झरनों को जन्म देती है, तो इसकी ध्वनि काफी कर्णप्रिय लगती है. हालांकि प्रकृति में आये बदलाव व नदियों के दोहन के कारण अब केवल बरसात के दिनों में ही यहां पांच झरने दिखायी पड़ते हैं. बाकी दिनों में लोग मात्र दो झरने काे ही देख पाते हैं.
