भगवान सिंगबोगा की पूजा कर खुशहाली की कामना की

सरना धर्म सोतोः समिति के दुलवा शाखा के सरना स्थल में रविवार को सरहुल पूजा महासमिति खूंटी के द्वारा पूजा की गयी.

खूंटी. सरना धर्म सोतोः समिति के दुलवा शाखा के सरना स्थल में रविवार को सरहुल पूजा महासमिति खूंटी के द्वारा पूजा की गयी. इस अवसर पर भगवान सिंगबोगा की पूजा कर सुख, शांति और खुशहाली की कामना की गयी. धर्मगुरु बगरय मुंडा ने कहा कि हमारे पूर्वजों ने जिस समृद्ध समाज की कल्पना की, वह आज भी अधूरी है. वर्तमान युग के धार्मिक-राजनीतिक प्रतिस्पर्द्धा के कारण सामाजिक-धार्मिक रीति-रिवाज पर अघात पहुंचा है. उन्होंने सामाजिक संगठनों के साथ-साथ केंद्र तथा राज्य सरकार को सरना धर्म को संवैधानिक दर्जा दिलाने के लिए आवश्यक कदम उठाये की अपील की. इस अवसर पर सनिका तिडू, जीतू पाहन, मथुरा कंडीर, मंगरा ढोडराय, बुधराम सिंह मुंडा, चैतन मुंडा, गोपाल मुंडा, सिनु मुंडा, सोमा ओडेया, दीपा ढोडराय, सोमा मुंडा, पांडु मुंडा, मनय मुंडा, सुभासिनी पुर्ती सहित अन्य उपस्थित थे.

स्थापना दिवस सह सरना प्रार्थना सभा का आयोजन

खूंटी जिले से सटे कामडारा के अरहरा में रविवार को सरना धर्म सोतोः समिति की 11वीं शाखा का स्थापना दिवस सह सरना धर्म प्रार्थना सभा का आयोजन किया गया. इस अवसर पर मादु बारला, सुखराम मुंडा, किनु मुंडा, चंदा आइंद और जेम्स मुंडा की अगुवाई में सरना स्थल में पूजा-पाठ किये गये. धर्मगुरु भैयाराम ओड़ेया ने कहा कि सिङबोंगा की स्तुति से हमारी आत्मा में भक्ति और श्रद्धा बढ़ती है. डॉ सीताराम मुंडा ने कहा कि सरना प्रकृति पर आधारित विश्व का प्राचीनतम धर्म है. कार्यक्रम में धर्मगुरु बगरय ओड़ेया, मथुरा कंडीर, लुथड़ू मुंडा, कोलाय ओड़ेया सहित अन्य उपस्थित थे.

सरना पूजा का किया गया आयोजनB

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By CHANDAN KUMAR

CHANDAN KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

Tags

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >