ओके:::संधि पूजा से प्रसन्न होती है मां दुर्गा खूंटी़ नवरात्र में अष्टमी की संधि पूजा का विशेष महत्व है. मूल रूप से सांसारिक बाधा, शत्रु दमन और उग्र भाव कम करने के लिए यह पूजा की जाती है. इसकी कई विधियां प्रचलित है. इनमें कुलाचार (पुरानी रीति रिवाज की पूजा), लोकाचार (सार्वजनिक पूजा) और देशाचार (विशिष्ट स्थान पूजा) शामिल है. अष्टमी की पूजा का पौराणिक महत्व है. यह मूलत: श्री रामचंद्र द्वारा शक्ति स्वरूपा देवी दुर्गा की उपासना है. इसे गौरी पूजा भी कहा जाता है. पूजा के दिन शुद्ध शाकाहारी भोजन करना होता है. पूजा के लिए पुरोहित को शुद्ध होकर स्वच्छ वस्त्र धारण करना जरूरी है. इसके बाद आइने पर जिसमें देवी दुर्गा की प्रति छवि नजर आती है, उस पर हिंग मंत्र अंकित किया जाता है. मान्यता है कि देवी- देवता बेल की लकड़ी से अपना मुख प्रच्छालन करते हैं, इसलिये आइने पर बेलकाठ भी चढ़ाया जाता है.
ओके:::संधि पूजा से प्रसन्न होती है मां दुर्गा
ओके:::संधि पूजा से प्रसन्न होती है मां दुर्गा खूंटी़ नवरात्र में अष्टमी की संधि पूजा का विशेष महत्व है. मूल रूप से सांसारिक बाधा, शत्रु दमन और उग्र भाव कम करने के लिए यह पूजा की जाती है. इसकी कई विधियां प्रचलित है. इनमें कुलाचार (पुरानी रीति रिवाज की पूजा), लोकाचार (सार्वजनिक पूजा) और देशाचार […]
