खलारी : डिस्ट्रिक्ट मिनरल फाउंडेशन ट्रस्ट (डीएमएफटी) फंड से खलारी प्रखंड के पंचायतों में विकास कार्य होगा. प्रधानमंत्री खनिज क्षेत्र कल्याण योजना के गाइड लाइन पर डीएमएफटी कार्य करेगा. देश के जिस जिले में माइनिंग या माइनिंग से संबंधित कार्य होते हैं, उस जिले में डीएमएफटी का गठन किया गया है. सरकार द्वारा जारी नोटिफिकेशन के अनुसार प्रखंड क्षेत्र के माइनिंग से सरकार को मिलने वाली रॉयल्टी का 10 फीसदी हिस्सा उसी प्रखंड के विकास में खर्च करना है. 2015 से इस मद की राशि जमा हो रही है.
योजनाओं का चयन पंचायतस्तर पर शुरू

योजनाओं का चयन पंचायतस्तर पर शुरू
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खलारी : डिस्ट्रिक्ट मिनरल फाउंडेशन ट्रस्ट (डीएमएफटी) फंड से खलारी प्रखंड के पंचायतों में विकास कार्य होगा. प्रधानमंत्री खनिज क्षेत्र कल्याण योजना के गाइड लाइन पर डीएमएफटी कार्य करेगा. देश के जिस जिले में माइनिंग या माइनिंग से संबंधित कार्य होते हैं, उस जिले में डीएमएफटी का गठन किया गया है. सरकार द्वारा जारी नोटिफिकेशन […]
जानकारी के अनुसार प्रतिवर्ष लगभग नौ करोड़ रुपये केवल खलारी प्रखंड के पंचायतों में खर्च करने के लिए जमा हुआ है. यानी अबतक करीब 36 करोड़ रुपये जमा हो चुका है. इस राशि को खर्च करने के लिए सरकार ने पहल शुरू कर दी है. इसके तहत पंचायतों में योजनाओं का चयन शुरू कर दिया गया है. चार जून को राय तथा बमने पंचायत में ग्रामसभा कर योजनाओं का चयन किया गया. डीडीसी के निर्देश पर बीडीओ द्वारा विशेष ग्रामसभा के लिए सभी पंचायतों के लिए अलग-अलग तिथि तय की गयी है. इसके अनुसार सात जून को 10 बजे चूरी मध्य तथा दोपहर दो बजे चूरी दक्षिणी पंचायत सचिव विश्वनाथ सिंह मुंडा की उपस्थिति में बैठक होगी.
वहीं 11 जून को 10 बजे चूरी उत्तरी तथा दोपहर दो बजे चूरी पश्चिमी पंचायत सचिव कैलाश हजाम की उपस्थिति में, 12 जून को 10 बजे चूरी पूर्वी तथा दोपहर दो बजे लपरा पंचायत सचिव कमला गंझू की उपस्थिति में, 13 जून को 10 बजे बुकबुका पंसस कार्तिक सिंह मुंडा तथा दोपहर दो बजे विश्रामपुर पंसस राजेंद्र नाथ बैठा की उपस्थिति में, 14 जून को 10 बजे खलारी तथा दोपहर दो बजे मायापुर पंचायत सचिव निमाई मांझी की उपस्थिति में तथा 18 जून को 10 बजे तुमांग तथा दोपहर दो बजे हुटाप पंचायत सचिव करमू कंडीर की उपस्थिति में विशेष ग्राम सभा होगी.
बीडीओ नूतन कुमारी ने ग्रामीणों से अपील करते हुए कहा है कि खलारी में खर्च करने के लिए यह बड़ा फंड है. संबंधित पंचायत के ग्रामीण निर्धारित तिथि को ग्रामसभा में शामिल होकर योजनाओं का चयन करें.