खलारी : आरकेएस कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड के मजदूर सोमवार को दूसरी पाली से पूर्ण वेतन की मांग को लेकर हड़ताल पर चले गये. कंपनी एनके एरिया के रोहिणी परियोजना में आउटसोर्सिंग का काम कर रही है. सोमवार दोपहर दो बजे मजदूरों के बैंक खातों में जो वेतन का पैसा आया, वह पुराना वेतन आया. मजदूरों […]
By Prabhat Khabar Digital Desk | Updated at :
खलारी : आरकेएस कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड के मजदूर सोमवार को दूसरी पाली से पूर्ण वेतन की मांग को लेकर हड़ताल पर चले गये. कंपनी एनके एरिया के रोहिणी परियोजना में आउटसोर्सिंग का काम कर रही है. सोमवार दोपहर दो बजे मजदूरों के बैंक खातों में जो वेतन का पैसा आया, वह पुराना वेतन आया.
मजदूरों को इसकी जानकारी पता चलते ही सभी मजदूर रोहिणी स्थित कंपनी के ऑफिस के बाहर एकत्रित हुए और कोल इंडिया के द्वारा लागू किया 847 रुपये की दर देने की मांग को लेकर काम को बंद करते हुए हड़ताल पर चले गये.
हड़ताल के कारण सभी डंपर खड़े हो गये और कंपनी का काम प्रभावित हो गया. कामगारों ने बताया कि कोल इंडिया ने कोयला क्षेत्र के असंगठित मजदूरों के वेतन को लेकर सितंबर 2018 से ही एक गाइडलाइन जारी किया है. इसके अनुसार कोयला क्षेत्र में काम करनेवाले प्रत्येक असंगठित मजदूर को प्रतिदिन 847 रुपये की दर से वेतन भुगतान करना है.
परंतु विगत आठ महीने से उनके साथ छल किया जा रहा है. कामगार महीने में 30 दिन काम कर रहे हैं, परंतु कंपनी के खाते में 15 दिन हाजिरी दिखा कर उनका वेतन भुगतान कर दिया जा रहा है. इस तरह कंपनी कोल इंडिया के नियमों के साथ भी दिख रही है और कामगारों को बढ़ा हुआ वेतन देने से भी बच जा रही है. जबकि कामगारों के पास उनके 30 दिन काम करने का साक्ष्य है.