द्वादश ज्योतिर्लिंग के प्रतीक माने जाते हैं बम्हनी गांव के 12 शिवलिंग

खूंटी जिले के मुरहू प्रखंड के बम्हनी गांव में खुले आसमान के नीचे विराजमान हैं 12 शिवलिंग. ये शिवलिंग देश के विभिन्न हिस्सों में स्थित द्वादश ज्योतिर्लिंग के प्रतीक माने जाते हैं.

सतीश शर्मा, तोरपा. खूंटी जिले के मुरहू प्रखंड के बम्हनी गांव में खुले आसमान के नीचे विराजमान हैं 12 शिवलिंग. ये शिवलिंग देश के विभिन्न हिस्सों में स्थित द्वादश ज्योतिर्लिंग के प्रतीक माने जाते हैं. बम्हनी गांव के पूर्व जमींदार परिवार से संबंध रखनेवाले 80 वर्षीय खुशबहाल सिंह और हरिला देवी बताते हैं कि यहां पर अलग-अलग जगहों पर 12 शिवलिंग हैं. जो द्वादश ज्योतिर्लिंग की तरह हैं. उन्होंने बताया कि मूल रूप से उनके वंशज मुरहू प्रखंड के गानालोया गांव के रहनेवाले थे. शिकार खेलने के दौरान उन्होंने एक ही जगह 12 शिवलिंग को देखा, तभी से उनके पूर्वज यहां आकर बस गये. खुशबहाल सिंह ने बताया कि सिर्फ एक शिवलिंग पर ही मंदिर बना है, अन्य सभी शिव लिंग खुले आसमान के नीचे ही विराजमान हैं. सरकार द्वारा सभी शिवलिंगों के आसपास दो-तीन फीट की घेराबंदी के अलावा पूरे धाम परिसर की घेराबंदी करायी गयी है. मंदिर में पूजा करने आयी मंजू देवी ने बताया कि वहां पर सैकड़ों वर्षों से ज्येष्ठ महीने की कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि को विशाल मंडा पूजा का आयोजन किया जाता है. उन्होंने बताया कि मंदिर के समीप आदिकाल का एक तालाब भी है. वहीं स्नान करने के बाद श्रद्धालु पूजा-अर्चना करते थे. कहा जाता है कि पहले तालाब से जो कुछ मांगा जाता था, उसकी पूर्ति होती थी, लेकिन अब यह बात देखने को नहीं मिलती, पर तालाब अब भी विद्यमान है. मंदिर के पास कई पत्थर की कई देवी-देवताओं की प्रतिमा भी है.

मंदिर के समीप स्थित आदिकाल के तालाब में स्नान से होती है इच्छा पूरी

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Published by: Satish sharma

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