हर्ष. खूंटी शहरी जलापूर्ति योजना को कैबिनेट से स्वीकृति
खूंटी : ग्रामीण विकास विभाग के मंत्री नीलकंठ सिंह मुंडा की सक्रियता से खूंटी शहरी जलापूर्ति योजना को कैबिनेट से स्वीकृति मिल गयी है. अलग राज्य गठन के बाद खूंटी की जनता को यह सबसे बड़ी उपलब्धि मिली है. शहरी जलापूर्ति योजना यानी नगर पंचायत क्षेत्र के सभी वार्ड में 24 घंटे पेयजलापूर्ति होगी.
योजना की कुल लागत 57 करोड़, नौ लाख, सात हजार है. इस योजना के तहत 12.27 एमएलडी क्षमता का इंटेक वेल (तजना नदी में) व 450 केएल क्षमता का एक इएसआर स्थापित होगा
जो वर्ष 2048 तक की मांग के विरुद्ध पेयजलापूर्ति करने में सक्षम होगा. वर्तमान वाटर ट्रीटमेंट प्लांट जर्जर हो चुका है. अब आधुनिक फिल्टर प्लांट बनेगा. शहर के कुल तीस हजार 810 मीटर के दायरे में जलापूर्ति होगी. उक्त योजना को दो वर्श के अंदर पूरा किये जाने की संभावना है.
परियोजना की लागत व रख रखाव की राशि का 36,82,49,910 रुपये विश्व बैंक से ऋण के रूप में, 15,78,21,390 रुपये राज्यांश के रूप में व 4,48,35,700 राशि शहरी निकाय द्वारा देय होगा. योजना के क्रियान्वयन के लिए जल्द ही जुडको लिमिटेड रांची द्वारा राष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा निविदा के तहत खुली निविदा निकाली जायेगी.
वर्तमान में खूंटी नगर पंचायत क्षेत्र के कुल 8192 घरों के विरुद्ध 1002 घरों में ही जलापूर्ति कनेक्शन है. पेयजलापूर्ति सुगमता से हो, लो प्रेशर की समस्या न रहे, इसके लिए बेलाहाथी टुंगरी, महादेव मंडा व कचहरी बस स्टैंड में एक-एक पानी टंकी (ओवर हेड) का निर्माण होगा.
मंत्री नीलकंठ सिंह मुंडा ने कहा कि जनता की यह सबसे बड़ी मांग थी. जिसे उन्होंने पूरा किया. जनता की समस्याओं को दूर करना हमेशा कर्तव्य बना रहेगा.
