JSSC CGL Scam: झारखंडJSSC Office स्नातक योग्यताधारी संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा-2023 (जेएसएससी सीजीएल) में कथित फर्जीवाड़े की जांच तेज हो गई है. सीआईडी की एसआईटी ने शनिवार को मामले के प्रमुख संदिग्ध अभय कुमार तिवारी, उसकी पत्नी सुषमा कुमारी और भाई अक्षय कुमार तिवारी को रिमांड पर लेकर पूछताछ शुरू की. वहीं, सीजीएल परीक्षा में सफल 18 संदिग्ध अभ्यर्थियों से भी पूछताछ की गई है. जांच एजेंसी अब इनके बयानों का क्रॉस वेरिफिकेशन कर रही है. एसआईटी यह पता लगाने में जुटी है कि संदिग्ध अभ्यर्थियों ने किन-किन परीक्षाओं में सफलता हासिल की है. उन्हें परीक्षा में सफलता दिलाने में किसने मदद की और इसके पीछे कौन-कौन लोग सक्रिय थे. पूछताछ में कई नये लोगों के नाम सामने आए हैं, जिनसे सीआईडी पूछताछ करेगी.
JPSC मेधा घोटाले में भी आया था नाम
जांच में यह बात सामने आई है कि अभय कुमार तिवारी जेपीएससी की परीक्षा आयोजित कराने वाली एजेंसी मेसर्स टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड (टीडीपीएल) में मार्केटिंग मैनेजर मनोज कुमार तिवारी के नाम से कार्यरत था. उसकी गिरफ्तारी जेपीएससी मेधा घोटाले की जांच के दौरान गोड्डा जिले के पोडैयाहाट से हुई थी. उस समय वह वहां ब्लॉक सप्लाई ऑफिसर के पद पर तैनात था. अभय की पत्नी सुषमा कुमारी और भाई अक्षय कुमार तिवारी को जेएसएससी सीजीएल परीक्षा के कथित पेपर लीक मामले में गिरफ्तार किया गया था. इस मामले में एक जनवरी 2025 को सीआईडी थाना में कांड संख्या 01/2025 दर्ज की गई थी. अब तक एसआईटी 37 से अधिक संदिग्धों और आरोपियों के बयान दर्ज कर चुकी है.
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अभय 5 दिन और पत्नी-भाई 2-2 दिनों के रिमांड पर
अभय पांच दिन, पत्नी व भाई दो-दो दिन की रिमांड पर सीजीएल फर्जीवाड़े के मास्टरमाइंड माने जा रहे अभय तिवारी को पांच दिनों की पुलिस रिमांड पर लिया गया है. उसकी पत्नी सुषमा कुमारी और भाई अक्षय कुमार तिवारी से दो-दो दिनों तक पूछताछ होगी. तीनों की गिरफ्तारी 14वीं जेपीएससी फर्जीवाड़ा मामले में हुई थी. अभय तिवारी को 22 जुलाई को गोड्डा से गिरफ्तार किया गया था. इसके बाद 18 अगस्त को सीआईडी ने सुषमा कुमारी और अक्षय तिवारी को गिरफ्तार किया. 14वीं जेपीएससी फर्जीवाड़ा मामले में तत्कालीन अध्यक्ष एल खियांग्ते समेत अब तक करीब 2 दर्जन आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है.
तीन आरोपी अभ्यर्थियों की रिमांड खत्म, भेजे गए जेल
रिमांड खत्म होने पर तीन अभ्यर्थी जेल भेजे गए 14वीं जेपीएससी प्रतियोगिता परीक्षा में अनुचित साधनों के जरिए सफलता हासिल करने के आरोपी तीन अभ्यर्थियों उमाकांत उरांव, मनोज कुमार और रोशन केरकेट्टा की पांच दिनों की पुलिस रिमांड शनिवार को समाप्त हो गई. इसके बाद कोर्ट के आदेश पर तीनों को न्यायिक हिरासत में बिरसा मुंडा केंद्रीय कारागार भेज दिया गया. उमाकांत उरांव लोहरदगा के जुरियो का रहने वाला है. जांच में उसके अभ्यर्थी होने के साथ-साथ गिरोह के एजेंट के रूप में काम करने की बात सामने आई है. रोशन केरकेट्टा रांची के नगड़ी और मनोज कुमार धुर्वा सेक्टर-3 का रहने वाला है.
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