हजारीबाग. खान और खनिज विकास विनियमन अधिनियम (एमएमडीआर) को लेकर शुक्रवार को बड़कागांव प्रखंड की गोंदलपुरा पंचायत के सेहदा-चपरी गांव में जनजागरण कार्यक्रम आयोजित किया गया. कार्यक्रम की अध्यक्षता झामुमो प्रखंड अध्यक्ष सह झारखंड श्रमिक संघ के जिलाध्यक्ष संजय कुमार सिंह ने की. इस दौरान ग्रामीणों को प्रस्तावित एमएमडीआर कानून के प्रावधानों और उसके संभावित प्रभावों की जानकारी दी गयी.
संजय कुमार सिंह ने कहा कि एमएमडीआर कानून लागू होने से झारखंड के हित प्रभावित होंगे. उन्होंने दावा किया कि कानून लागू होने के बाद राज्य की कई महत्वाकांक्षी योजनाओं पर असर पड़ सकता है और खनिज संसाधनों से मिलने वाले राजस्व को लेकर राज्य के अधिकार प्रभावित होंगे. उन्होंने ग्रामीणों से इस मुद्दे पर जागरूक होने और आंदोलन में भाग लेने की अपील की.
गांव-गांव चल रहा जनजागरण अभियान
संजय सिंह ने कहा कि एमएमडीआर विधेयक के विरोध में झारखंड के विभिन्न जिलों, गांवों और चौक-चौराहों पर जनजागरण कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे हैं. इसका उद्देश्य ग्रामीणों को प्रस्तावित कानून के संभावित प्रभावों के प्रति जागरूक करना है. उन्होंने केंद्र सरकार पर झारखंड के साथ भेदभाव करने का आरोप लगाया.
7 सितंबर को बड़कागांव में महाधरना
उन्होंने बताया कि एमएमडीआर विधेयक के विरोध में 7 सितंबर को बड़कागांव प्रखंड मुख्यालय में एक दिवसीय महाधरना आयोजित किया जायेगा. उन्होंने क्षेत्र के लोगों से अधिक से अधिक संख्या में धरना में शामिल होने की अपील की.
कार्यक्रम में प्रमुख प्रतिनिधि हेमंत भुइयां, प्रखंड कोषाध्यक्ष इंद्रदेव राम, दिनेश आर्या, पंचायत अध्यक्ष चुरामन गंझू, सचिव राजेश हांसदा, महादेव हांसदा, बिरसा हांसदा, विजय सोरेन, आशा किस्को, अंजू सोरेन, सुनीता मुर्मू, मैको हेंब्रोम, सुमन देवी, पारो किस्को और रुपलाल गंझू समेत बड़ी संख्या में महिला-पुरुष मौजूद थे.
