प्रतिनिधि, फतेहपुर. चापुड़िया गांव स्थित डाक बंगला परिसर में करोड़ों रुपये की लागत से निर्मित वृहद पानी टंकी आज भी बेकार पड़ी है. पंचायत क्षेत्र में पेयजल समस्या की स्थायी समाधान के लिए बनाई गयी, यह योजना दो साल बाद भी धरातल पर नहीं उतर पाई है. इससे ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है. टंकी का निर्माण काफी पहले पूरी हो चुकी है. पाइपलाइन और अन्य आवश्यक संरचनाएं भी तैयार हैं, लेकिन अब तक जलापूर्ति शुरू नहीं हो सकी है. नतीजतन यह महत्वाकांक्षी योजना सिर्फ कागजों तक सीमित रह गयी है. लोगों को इसका कोई लाभ नहीं मिल रहा. गर्मी आते ही ग्रामीणों की परेशानी ओर बढ़ गयी है. इस योजना के तहत चापुड़िया, धावा, पहरूडीह, मंझलाडीह, दिघीरिया, बामनकनाली, लालूडीह, जानूमडीह, खंतीपुर, पहाड़गोड़ा, हरिपुर और बराटांड़ गांव में घर-घर शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराना था. करीब 1.20 लाख लीटर क्षमता वाली इस टंकी से सैकड़ों परिवारों को लाभ मिलने की उम्मीद थी. – अजय नदी से होना था जलापूर्ति योजना के अनुसार, अजय नदी से पानी लाकर पहाड़गोड़ा स्थित जल शोधन संयंत्र में शुद्ध किया जाना था. फिर पाइपलाइन के जरिए टंकी तक पहुंचाया जाना था, लेकिन दो साल बीतने के बाद भी इस दिशा में कोई ठोस पहल नहीं हुई है. ग्रामीण अभिमन्यु चौधरी, त्रिपुरारी चौधरी, संजय यादव, चक्रधारी चौधरी, महेंद्र चौधरी, हेमलाल मरांडी, श्यामलाल मरांडी, अजीत यादव, संतोष महतो, कन्हाई मरांडी और निरोध मरांडी ने प्रशासन से जल्द जलापूर्ति शुरू कराने की मांग की है. कहना है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आने वाले दिनों में जल संकट ओर गहरा जायेगा. क्या कहते हैं ईई इस संबंध में पेयजल स्वच्छता प्रमंडल के ईई ने बताया कि फतेहपुर प्रखंड में दो जलापूर्ति योजना धसनियां व पहाड़गोड़ा जलापूर्ति योजना पर काम चल रहा है. चापुड़िया पानी टंकी की क्या स्थिति है उसे देखा जायेगा. -अनूप कुमार महतो, ईई, पीएचइडी
चापुड़िया गांव में दो साल बाद भी जलापूर्ति शुरू नहीं, पानी टंकी पड़ा है बेकार
फतेहपुर. चापुड़िया गांव स्थित डाक बंगला परिसर में करोड़ों रुपये की लागत से निर्मित वृहद पानी टंकी आज भी बेकार पड़ा है.
