चंद्रडीपा में पत्थर खदान दोबारा खोलने की तैयारी पर हंगामा
जामताड़ा. चंद्रडीपा पंचायत स्थित शिंदवारीपाड़ा मोड़ पर शनिवार को मिहिजाम झामुमो नगर सचिव महेंद्र टुडू की अध्यक्षता में ग्रामीणों की बैठक हुई.
शिंदवारीपाड़ा मोड़ पर मिहिजाम नगर झामुमो कार्यकर्ताओं की बैठक प्रतिनिधि, जामताड़ा. चंद्रडीपा पंचायत स्थित शिंदवारीपाड़ा मोड़ पर शनिवार को मिहिजाम झामुमो नगर सचिव महेंद्र टुडू की अध्यक्षता में ग्रामीणों की बैठक हुई. इसमें गुरु हड़ाम रेणु मुर्मू, इंसान अंसारी और मौजा 10 के ग्राम प्रधान सह मांझी बाबा जवाहर लाल किस्कू शामिल हुए. बैठक में मुख्य मुद्दा था गांव से मात्र 100 मीटर दूरी पर बंद पत्थर खदान को ग्रामसभा की अनुमति के बिना फिर से चालू करने की कोशिश. ग्राम प्रधान जवाहर लाल किस्कू ने कहा कि यह पहल पूरी तरह नियमों का उल्लंघन है. वर्ष 2010 तक इस सात एकड़ के खदान में तेज ब्लास्टिंग से ग्रामीणों के घरों को भारी नुकसान होता था. कई बार पत्थर के बड़े टुकड़े घरों पर गिरने से खतरा बढ़ गया था, जिसके बाद ग्रामीणों के विरोध के चलते खदान बंद कर दी गयी थी. अब बिना किसी सामुदायिक सहमति से इसे पुनः परिचालन में लाने की सुगबुगाहट से लोग डरे और नाराज हैं. महेंद्र टुडू ने बताया कि खदान का एक हिस्सा गोचर भूमि पर है, जिसे अवैध रूप से उपयोग करने की तैयारी की जा रही है. खदान से सटे तालाब में लगातार मिट्टी भरने से उसका अस्तित्व संकट में है, जबकि यही तालाब वर्षों से मवेशियों के लिए जलापूर्ति का जरिया रहा है. यदि यह पूरी तरह नष्ट हो गया, तो ग्रामीणों को गंभीर परेशानी झेलनी पड़ेगी. खदान के ठीक पास से हाईटेंशन बिजली तार गुजरने के कारण ब्लास्टिंग शुरू होने पर किसी भी बड़े हादसे की आशंका जताई गई. ग्रामीणों ने कहा कि खदान के पुनः शुरू होने से पर्यावरण, मानव जीवन और पशुधन सभी को खतरा होगा. बैठक में उपस्थित ग्रामीण मुकेश मरांडी, सुरेंद्र बास्की, सहदेव हेंब्रम, विमल सोरेन, रामलाल सोरेन, माइकल दास आदि एकमत होकर विरोध दर्ज किया. नगर सचिव महेंद्र टुडू ने कहा कि स्थल पर श्री साईं एंटरप्राइजेज के नाम से 2035 तक लीज का बोर्ड लगा है, जिसकी जांच जरूरी है. उन्होंने जिला प्रशासन से जांच कर तत्काल कार्रवाई की मांग की.
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