आदिवासी समाज हमारा वोट बैंक नहीं, बल्कि हमारा परिवार है : रघुवर दास

विद्यासागर. सिदो-कान्हू संताल आदिवासी ओवार राकाप संगठन की ओर से करमाटांड़ प्रखंड के मोहनपुर गांव में चौपाल का आयोजन किया गया.

– करमाटांड़ के मोहनपुर में चौपाल कार्यक्रम में शामिल हुए पूर्व मुख्यमंत्री प्रतिनिधि, विद्यासागर सिदो-कान्हू संताल आदिवासी ओवार राकाप संगठन की ओर से करमाटांड़ प्रखंड के मोहनपुर गांव में चौपाल का आयोजन किया गया. इसमें बतौर मुख्य अतिथि पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास एवं विशिष्ट अतिथि पूर्व विधायक रणधीर कुमार सिंह शामिल हुए. मुख्य अतिथि को भाजपा नेता वीरेंद्र मंडल, भाजपा जिलाध्यक्ष सुमित शरण, महेंद्र मंडल ने माला पहनकर स्वागत किया. चौपाल कार्यक्रम में आदिवासी रीति-रिवाज से मुख्य अतिथि का स्वागत पगड़ी पहनाकर, शॉल ओढ़ा कर किया गया. पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि आदिवासी समाज हमारे वोट बैंक नहीं, बल्कि हमारा समाज और परिवार है. हमारे इसी आदिवासी समाज के वीरों ने अंग्रेजों को मुंहतोड़ जवाब देकर उन्हें भगाया था. सिदो- कान्हू, फूलो झानों, तिलका मांझी जैसे वीर पुरुषों ने हमारे देश को बचाने का काम किया है. कहा, आप लोग इसी के वंशज हैं, नयी पीढ़ी में युवाओं को फिर से एक बार देश को बचाने की जरूरत है. पूरा समाज, पूरा संताल परगना को प्रगतिशील समाज बनाना है. पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा मेरे द्वारा ही धर्मांतरण कानून लागू किया गया है. पेशा कानून लागू राज्य सरकार करे, ताकि हमारे गांव हमारे राज्य का विकास हो. कहा, अवैध घुसपैठियों का बढ़ावा हो रहा है. वहीं घुसपैठिया हमारी बहन- बेटियों की इज्जत लूट कर धार्मिक सामाजिक राजनीतिक पर प्रभाव डाल रहा है. कहा कि बेटी-बेटा को खूब पढ़ाओ दोनों में कोई फर्क नहीं है. संताल परगना के हर गांव में संगठन निर्माण करना है. पूरे संताल परगना में पदयात्रा करूंगा. कहा सब कुछ त्याग कर इस झारखंड की संताल परगना का उद्धार करने का मन में ठाना है, जिसे लेकर चौपाल के मध्यम से ग्रामीणों से जुड़कर समस्या से अवगत होना है. हर समस्या का निदान करना है. घुसपैठिये बहन-बेटियों को लव जिहाद का बना रहे हैं शिकार – रणधीर पूर्व विधायक रणधीर कुमार सिंह ने कहा कि चौपाल का मुख्य उद्देश्य अपने आदिवासी समाज को एकत्रित करना है. आजकल हमारे आदिवासी समाज के बहू-बेटियों पर अत्याचार हो रहा है. इस अत्याचार के विरोध में आपका सहयोग करने आए हैं. कहा, हमारे झारखंड को मणिपुर, मिजोरम, जम्मू कश्मीर जैसे नहीं होने देना है. सभी जिला में आदिवासियों के जल जमीन छीना जा रहा है. घुसपैठिये आदिवासी बहन-बेटियों को बहला फुसला कर लव जिहाद का शिकार बना रहे हैं, जिसका हमें मुंहतोड़ जवाब देना है. चौपाल के माध्यम से आप लोग को जगाने आए हैं. गुमराह नहीं होना है. आंदोलन करने की जरूरत है. हम लोग आपके साथ हैं. कार्यक्रम का संचालन सुकुमनी हेंब्रम ने किया. मौके पर पूर्व मंत्री सत्यानंद झा बाटुल, मोहन शर्मा, चंडी चरण दे, सुकुमार सर्खेल, विनोद मंडल, सुनील हांसदा, सोमनाथ सिंह, सुनील बास्की, गुंजन मरांडी, सनातन मिश्रा, राधा रानी सोरेन, पुष्पा सोरेन, विनोद मंडल, श्यामसुंदर मंडल आदि थे.

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Published by: Umesh kumar

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