जो अहंकार का रास्ता पकड़ता है वह गर्त में जाता है : तान्या शरण

विद्यासागर. करमाटांड़ में चल रहे सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के पांचवें दिन कथा स्थल पूरी तरह भक्तिरस में डूबा रहा.

– करमाटांड़ में पांचवें दिनों से श्रीमद्भागवत कथा जारी फोटो – 09 कथा सुनातीं कथावाचिका तान्या शरण, 10 कथा सुनते श्रद्धालु प्रतिनिधि, विद्यासागर – करमाटांड़ में चल रहे सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के पांचवें दिन कथा स्थल पूरी तरह भक्तिरस में डूबा रहा. शनिवार को कथावाचिका तान्या शरण ने श्रीकृष्ण लीला का विस्तार से वर्णन किया. भक्तों को धर्म, भक्ति और कर्म का गुढ़ संदेश दिया. उन्होंने गोवर्धन पूजा और इंद्र गर्व भंग की कथा सुनाई. कथा के माध्यम से उन्होंने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण ने ब्रजवासियों को प्रकृति, कर्म और सच्ची भक्ति का महत्व समझाया, जब इंद्रदेव के अहंकार से ब्रज में भारी वर्षा हुई, तब भगवान श्रीकृष्ण ने गोवर्धन पर्वत को अपनी छोटी उंगली पर उठाकर समस्त ब्रजवासियों की रक्षा की. यह लीला यह सिखाती है कि सच्ची भक्ति और विश्वास से हर संकट का समाधान संभव है. कथावाचिका ने कहा कि जो व्यक्ति अहंकार का रास्ता पकड़ लेता है, उसे एक दिन गर्त में जाना पड़ता है. अहंकार व्यक्ति को बहुत जल्द लेकर डूबता है. वहीं भगवान की शरण में जाने से ही जीवन के कष्ट दूर होते हैं. उन्होंने श्रद्धालुओं से अपने जीवन में धर्म, सत्य और करुणा को अपनाने का आह्वान किया. कथा के दौरान भावपूर्ण भजनों की प्रस्तुति से श्रद्धालु झूमते रहे. अंत में आरती हुई और प्रसाद का वितरण किया गया. आयोजन समिति ने बताया कि कथा के आगामी दिनों में भगवान श्रीकृष्ण की और भी प्रेरक लीलाओं का वर्णन किया जायेगा.

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By JIYARAM MURMU

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