समाज में बेटा-बेटी का भेदभाव नहीं होना चाहिए – पं सत्यनारायण

समाज में बेटा-बेटी का भेदभाव नहीं होना चाहिए – पं सत्यनारायण

प्रतिनिधि, नारायणपुर समाज में बेटा-बेटी का भेदभाव नहीं होना चाहिए, और बेटी को आगे बढ़ाना चाहिए. यह बातें पंडित सत्यनारायण तिवारी ने श्री श्री 1008 संकट मोचन हनुमान मंदिर बड़बहाल घाटी में चल रहे नवाह परायण के दौरान कहीं. उन्होंने कहा कि रक्षा बंधन में जिनके पास बहन नहीं होती, उनकी कलाई सूनी रहती है, और एक भाई को बहन न होने का दर्द महसूस होता है. बेटी घर में जन्म लेकर बहन, बहू, मां और दादी की जिम्मेदारी निभाती है. उन्होंने कहा कि नारी नहीं होती तो राम और श्याम नहीं होते, और भारत को ही मां का दर्जा मिलता है. बेटी को पढ़ाओ और बढ़ाओ, तभी हमारा देश फिर से सोने की चिड़ीया बनेगा. राम कथा के दौरान उन्होंने अयोध्या में चारों राजकुमारों की बाल लीला का वर्णन किया. भजन कीर्तन मंडली के सदस्यों ने राम भजनों से वातावरण को भव्य बना दिया. भजन गायक खिरोधर मंडल, मुकेश मनोहर, सुबोध मंडल, कृष्णकांत साह ने श्रोताओं को अपने भजनों से खूब झुमाया. लोग भाव विभोर होकर नृत्य करते दिखे. मौके पर रंजीत तिवारी, मुकेश तिवारी, भगलू रवानी, दलगोबिंद रजक, कामदेव रवानी, कौशलेश राय, मुरारी रवानी आदि उपस्थित थे.

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By Jiyaram murmu

मैं जियाराम मुर्मू वर्ष 2009 से प्रभात खबर, जामताड़ा से जुड़ा हुआ हूं. मैं विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों की जनमुद्दे जैसे शिक्षा, स्वास्थ्य, प्रशासन, ग्रामीण विकास सहित ग्रामीणों की समस्याओं को लगातार उठा रहा हूं.

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