एकादश भाषा शहीदों के नाम स्मरण सभा का किया आयोजन

एकादश शहीदों ने अपनी जान की आहुति देकर असम में बांगला को द्वितीय राजभाषा की स्वीकृति दिलायी है.

जामताड़ा. सेंट एंथोनी स्कूल जामताड़ा के स्टेडियम में झारखंड बंगाली समिति जामताड़ा एवं सेंट एंथोनी स्कूल के संयुक्त तत्वावधान में एकादश भाषा शहीद के स्मरण और सम्मान में कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इस अवसर पर झारखंड बंगाली समिति के अध्यक्ष डाॅ डीडी भंडारी, उपाध्यक्ष डाॅ कांचन गोपाल मंडल सहित अन्य ने शहीदों को श्रद्धांजलि दी. मौके पर डॉ भंडारी ने बताया कि 19 मई 1961 को बांगला भाषा की सरकारी स्वीकृति की मांग को लेकर असम के काछाड़ जिला के सिलचर शहर में आन्दोलनरत भाषा सैनिकों पर असम पुलिस द्वारा गोली चलाये जाने से हुए ग्यारह सैनिक शहीद हो गए थे. 1960 ई. को तत्कालीन असम सरकार द्वारा राज्य में सिर्फ असमिया भाषा को राजभाषा की स्वीकृति प्रदान करने एवं बांगला भाषा को उपेक्षित करने को लेकर बराक वैली इलाके के 80 प्रतिशत बंगालियों ने बांगला भाषा को द्वितीय राजभाषा बनाने की मांग राज्य सरकार के समक्ष रखी थी. मांग नहीं मानने पर राज्य की बांगला भाषा-भाषी जनता आन्दोलन के लिए मजबूर हो गयी थी. एकादश शहीदों ने अपनी जान की आहुति देकर असम में बांगला को द्वितीय राजभाषा की स्वीकृति दिलायी है. मौके पर समिति के सचिव चंचल कुमार राय, सेंट एंथोनी विद्यालय के निदेशक डॉ चंचल भंडारी, शिक्षक सुजित साहा, आनन्द मंडल आदि थे.

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By UMESH KUMAR

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