अनदेखी. जामताड़ा काॅलेज की सेमेस्टर टू की परीक्षा में पारदर्शिता पर उठे सवाल
व्यवस्था पर उठे सवाल, केंद्राधीक्षक ने किया कदाचारमुक्त परीक्षा का दावासंवाददाता, जामताड़ाजामताड़ा काॅलेज जामताड़ा में हो रही सेमेस्टर टू की परीक्षा के दौरान का एक ही बेंच पर पांच-पांच परीक्षार्थियों को बैठाकर परीक्षा दिलायी जा रही है. इनके बीच दूरी नहीं हैं. ढूंस- ढ़ूंस कर परीक्षार्थी बेंच पर बिठाये गये हैं. दृश्य सामने आते ही परीक्षा की पारदर्शिता व नकल नहीं होने के दावे पर सवाल उठने लगे हैं. बता दें कि जामताड़ा काॅलेज में जेजेएस काॅलेज मिहिजाम व जामताड़ा कालेज का सेंटर है. सोमवार को सेमेस्टर टू के जंतु विज्ञान और भूविज्ञान विषय की परीक्षा हो रही थी. इसमें लगभग 1235 विद्यार्थी शामिल हुए. इसमें जेजेएस काॅलेज के 166 और शेष जामताड़ा कॉलेज के परीक्षार्थी थे. यहां दो कमरे में सीट से अधिक परीक्षार्थी है. इन दोनों कमरों में एक दो बेंच सटाकर पांच परीक्षार्थियों को बैठया गया था. यहां तक कि विद्यार्थियों के बीच न्यूनतम दूरी का अभाव साफ नजर आ रहा है. परीक्षा नियमों के अनुसार नकल रोकने के लिए परीक्षार्थियों के बीच पर्याप्त अंतर रखना अनिवार्य होता है, ताकि वे एक-दूसरे की उत्तरपुस्तिका न देख सकें. ऐसे में एक बेंच पर पांच विद्यार्थियों का बैठना नियमों के विपरीत माना जा रहा है. जानकारी के अनुसार परीक्षा केंद्र में बाहरी लोगों का प्रवेश हो रहा था. यदि आरोप सही है, तो यह सुरक्षा व्यवस्था में गंभीर लापरवाही का संकेत देता है. किसी भी परीक्षा को कदाचारमुक्त बनाने के लिए प्रवेश द्वार पर सख्त जांच, पहचान-पत्र की अनिवार्यता और अनधिकृत व्यक्तियों पर रोक जरूरी होती है. दो परीक्षार्थियों के बीच पर्याप्त दूरी अनिवार्य शिक्षा से जुड़े जानकारों का कहना है कि इतनी बड़ी संख्या में परीक्षार्थियों के लिए पर्याप्त कक्ष, वीक्षक और निगरानी व्यवस्था अनिवार्य है. यदि व्यवस्थाएं संतोषजनक नहीं होंगी तो परीक्षा की विश्वसनीयता प्रभावित हो सकती है. एक बेंच पर पांच-पांच परीक्षार्थियों को बैठाना पारदर्शिता पर सवाल उठाता है.
