दुखिया बाबा मंदिर में वर्चस्व की जंग, श्रद्धालुओं का गुस्सा, बोले- मंदिर में नहीं चलेगी राजनीति

करमदाहा स्थित दुखिया बाबा मंदिर में कमेटी विवाद को लेकर श्रद्धालुओं ने प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग की है। सावन से पहले व्यवस्था सुधारने पर जोर दिया गया है।

प्रतिनिधि, नारायणपुर : प्रखंड क्षेत्र के करमदाहा स्थित दुखिया बाबा मंदिर इन दिनों प्रबंधन समिति को लेकर चल रहे विवाद के कारण सुर्खियों में है. पिछले करीब छह माह से पुरानी और नई कमेटी के बीच वर्चस्व की लड़ाई जारी है. अब इस विवाद पर स्थानीय श्रद्धालुओं का भी आक्रोश सामने आया है. श्रद्धालुओं ने मंदिर को राजनीति से दूर रखते हुए जिला प्रशासन से शीघ्र हस्तक्षेप कर मामले का समाधान कराने की मांग की है, ताकि सावन माह में श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़े. स्थानीय श्रद्धालु मदन महतो, छोटू कुमार मिश्रा, विवेक मिश्रा, विनोद ठाकुर, मुकेश कुमार, बिट्टू रजक, मनोज कुमार दास, विवेक रजवार, श्याम कुमार महतो, अनिल सोरेन समेत दर्जनों लोगों ने कहा कि दुखिया बाबा मंदिर पूरे क्षेत्र की आस्था और विश्वास का केंद्र है. बीते छह माह से दो गुटों के बीच चल रहे विवाद और कथित राजनीतिक हस्तक्षेप से मंदिर की गरिमा प्रभावित हो रही है. उन्होंने प्रशासन से निष्पक्ष पहल कर विवाद का स्थायी समाधान निकालने की मांग की. कहा कि सावन माह में हजारों श्रद्धालु जलाभिषेक के लिए मंदिर पहुंचते हैं.यदि वर्तमान स्थिति बनी रही तो मंदिर की व्यवस्था प्रभावित हो सकती है. ऐसे में सावन शुरू होने से पहले प्रशासन को पहल कर विवाद समाप्त कर सुचारु व्यवस्था सुनिश्चित करनी चाहिए. जानकारी के अनुसार, मंदिर की पुरानी कमेटी को स्थानीय कई लोगों का समर्थन प्राप्त है, जबकि नई कमेटी मे स्थानीय मुखिया व अन्य समर्थकों का कहना है कि मंदिर का संचालन पूरी पारदर्शिता के साथ हो तथा आय-व्यय सार्वजनिक किया जाए. इसी मुद्दे को लेकर कई बार बैठकें भी हुईं और कमेटी गठन का प्रयास किया गया, लेकिन अब तक विवाद का समाधान नहीं निकल सका है. क्या कहते हैं सीओ - मंदिर में चल रही गतिविधियों पर प्रशासन की नजर है. अभी तक इस संबंध में कोई लिखित शिकायत या आवेदन प्राप्त नहीं हुआ है. आवेदन मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई करते हुए मामले का समाधान कराया जाएगा. - देवराज गुप्ता, सीओ, नारायणपुर


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Author: Nikesh Kumar

Published by: Janardan Pandey

निकेश कुमार प्रिंट माध्यम में 15 वर्षों से और डिजिटल माध्यम में पिछले 4 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. जलालगढ़ (पूर्णिया) क्षेत्र में काम कर रहे हैं. सामाजिक गतिविधि, खेल, इतिहास और राजनीतिक गतिविधियों की खबरों में रुचि रखते हैं.

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