संवाददाता, जामताड़ा.पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय जामताड़ा में गुरुवार को भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व हर्षोल्लास और श्रद्धा के साथ मनाया गया. इस अवसर पर विद्यार्थियों ने विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर भगवान श्रीकृष्ण के जीवन, संघर्ष और आदर्शों को जीवंत कर दिया.
कठिन परिस्थितियों में भी आगे बढ़ने की सीख
विद्यालय के प्रधानाध्यापक महेश प्रसाद साह ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि जीवन में परिस्थितियां कितनी भी कठिन क्यों न हों, व्यक्ति को निरंतर आगे बढ़ते रहना चाहिए. उन्होंने विद्यार्थियों से भगवान श्रीकृष्ण के जीवन और संघर्षों से प्रेरणा लेने का आह्वान किया.
उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण का जीवन कठिन परिस्थितियों में भी धैर्य, साहस और कर्म के मार्ग पर चलते रहने की प्रेरणा देता है. विद्यार्थियों को उनके जीवन से सीख लेकर अपने लक्ष्य की ओर निरंतर बढ़ते रहना चाहिए.
गीता के संदेशों से कराया परिचित
शिक्षक चांद सिंह ने भी विद्यार्थियों को संबोधित किया. उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण के जीवन, उनके आदर्शों और श्रीमद्भगवद्गीता के संदेशों पर प्रेरणादायक विचार साझा किए.
उन्होंने विद्यार्थियों को सत्य, कर्तव्य, अनुशासन और सदाचार के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित किया. साथ ही जीवन में आने वाली चुनौतियों का धैर्य और आत्मविश्वास के साथ सामना करने का संदेश दिया.
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नन्हे-मुन्नों की प्रस्तुति ने मोहा मन
जन्माष्टमी समारोह का मुख्य आकर्षण बालवाटिका-3 के नन्हे-मुन्ने विद्यार्थियों की रंगारंग सामूहिक नृत्य प्रस्तुति रही. बच्चों ने भगवान श्रीकृष्ण से जुड़े गीतों पर मनमोहक नृत्य प्रस्तुत कर उपस्थित लोगों का मन मोह लिया.
नन्हे कलाकारों की प्रस्तुति ने पूरे वातावरण को भक्तिमय और उत्साहपूर्ण बना दिया. नृत्य कार्यक्रम का निर्देशन एवं मार्गदर्शन शिक्षिका रजनी कुमारी ने किया.
भारतीय संस्कृति से जुड़ने का मिला संदेश
जन्माष्टमी समारोह के माध्यम से विद्यार्थियों में भारतीय संस्कृति और धार्मिक परंपराओं के प्रति रुचि और उत्साह बढ़ा. सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से बच्चों को भगवान श्रीकृष्ण के जीवन और उनकी शिक्षाओं से परिचित कराया गया.
कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों ने भगवान श्रीकृष्ण के जीवन और शिक्षाओं से प्रेरणा लेकर सत्य, कर्तव्य, अनुशासन और सदाचार के मार्ग पर चलने का संकल्प लिया.
